अर्थ आवर (Earth Hour) क्या है और यह हमारे लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

पिछले कुछ दिनों से समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं, विभिन्न टीवी चैनलों और इंटरनेट पर अर्थ ऑवर (Earth Hour) की चर्चा चल रही हैl जिसके कारण हर किसी के मन में यह उत्सुकता हो सकती है कि अर्थ ऑवर (Earth Hour)  क्या है और किस कारण से यह इतनी चर्चा में है? इस लेख में हम यही जानने की कोशिश कर रहे है कि आखिर यह अर्थ ऑवर (Earth Hour) क्या है और यह किस प्रकार हमारे लिए महत्वपूर्ण है?

अर्थ ऑवर (Earth Hour) क्या है?
अर्थ ऑवर (Earth Hour) “विश्व वन्यजीव एवं पर्यावरण संगठन (WWF)” द्वारा शुरू किया गया एक अभियान है जिसका उद्देश्य लोगों को बिजली के महत्व के बारे में और पर्यावरण सुरक्षा के बारे में जागरूक करना हैl इसका मुख्यालय सिंगापुर में हैl
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अर्थ ऑवर (Earth Hour)  की शुरूआत

Image source: www.wwf.org.uk
जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर ऑस्ट्रेलियाई लोगों के विचार जानने के उद्देश्य से 2004 में विश्व वन्यजीव एवं पर्यावरण संगठन की ऑस्ट्रेलियाई शाखा और विज्ञापन एजेंसी लियो बर्नेट सिडनी के बीच एक विचार-विमर्श गोष्ठी का आयोजन किया गयाl इस गोष्ठी में हुए विचार-विमर्श के आधार पर 2006 में "द बिग फ्लिक" नाम से एक ऐसे अभियान की रूपरेखा तैयार की गई जिसका उद्देश्य बड़े स्तर पर देश में बिजली के उपकरणों को बंद करना थाl विश्व वन्यजीव एवं पर्यावरण संगठन की ऑस्ट्रेलियाई शाखा ने इस संकल्पना को "फेयरफैक्स मीडिया" और सिडनी के मेयर "लॉर्ड क्लोवर मूर" के सामने प्रस्तुत किया, जिन्होंने इस आयोजन के लिए अपनी सहमति प्रदान की थीl

परिणामस्वरूप 31 मार्च, 2007 को सिडनी, ऑस्ट्रेलिया में स्थानीय समय के अनुसार शाम 7:30 बजे पहली बार अर्थ आवर (Earth Hour) का आयोजन किया गया थाl इसके बाद से हर वर्ष मार्च महीने के हर अंतिम शनिवार को पूरे विश्व में एक घंटे के लिए अर्थ आवर (Earth Hour) मनाया जाता है और बिजली के सारे बल्बों को बंद कर दिया जाता हैl

वर्ष 2019 में यह रात के 8.30 PM से मनाया जायेगा. वर्ष 2019 के लिए अर्थ ऑवर की थीम है “Change the Way We Live”.
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विश्व वन्यजीव एवं पर्यावरण संगठन (WWF)
 
Image source: Daily Pakistan
विश्व वन्यजीव एवं पर्यावरण संगठन (WWF) एक ऐसी संस्था है जिसके बारे में यह कहा जाता है कि यह दुनिया की सबसे बड़ी “स्वतंत्र संरक्षण संस्था” (इंडिपेंडेंट कंन्जरवेशन ऑर्गेनाइजेशन) हैl वर्तमान समय में 100 से अधिक देशों में 5 मिलियन से अधिक लोग इस संस्था को स्पोर्ट करते हैं। इस संस्था का उद्देश्य प्रकृति के नुकसान को रोकना और मानव जाति के भविष्य को बेहतर बनाना है।

अर्थ आवर (Earth Hour) 2017
 
Image source: www.earthhour.org

वर्ष 2017 में अर्थ आवर (Earth Hour) का आयोजन 25 मार्च को रात्रि 8.30 - 9.30 तक किया जाएगाl ऐसी उम्मीद है कि इस अवसर पर दुनिया भर के 172 से अधिक देशों के लगभग 10,400 से अधिक प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक इमारतों की लाइटें बंद की जाएगीl इस अभियान के तहत दुनिया भर के लोगों को बिजली बचाने और पर्यावरण के संरक्षण के लिए जागरूक किया जाएगाl     

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कुछ वक्त पहले तक भारत में एडिसन बल्ब का ही इस्तेमाल किए जाते थे, जो तकरीबन पीली रोशनी देते थे और बहुत बिजली खाते थे। इसके बाद हाल के सालों में सीएफएल का प्रयोग किया जाता था और इसके बारे में धारणा यह थी कि यह काफी कम बिजली की खपत करता है और अच्छी दूधिया रौशनी देता हैl हालांकि अब सीएफएल को टक्कर देने के लिए भारतीय बाजार में एलईडी बल्ब भी आ गया है। यह एलईडी बल्ब ना के बराबर बिजली खाता है और बढ़िया रौशनी भी देता हैl

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