Lockdown और Curfew में क्या अंतर होता है?

भारत सरकार ने अगले 21 दिनों के लिए पूरे देश में लॉकडाउन घोषित कर दिया है.लेकिन कुछ लोग कह रहे हैं कि यह कर्फ्यू है. इसी विभ्रान्ति को दूर करने के लिए हमने इस लेख में कर्फ्यू और लॉकडाउन के बीच अंतर (difference in lockdown and curfew) बताया है.

कर्फ्यू और लॉकडाउन के बीच अंतर जानने से पहले इन दोनों की परिभाषा और उद्येश्य जानना जरूरी है.

कर्फ्यू क्या होता है (What is Curfew)

लोगों को सड़कों से दूर रखने के लिए प्रशासन द्वारा जारी कर्फ्यू एक सख्त आदेश होता है जिसे सभी व्यक्ति और संस्थाओं को मानना ही पड़ता है. कर्फ्यू कुछ दिनों या घंटों के लिए किसी विशेष क्षेत्र में लगाया जाता है.

आमतौर पर, कर्फ्यू; सांप्रदायिक दंगे, आतंकी घटना या किसी विकट आपदा के कारण लागू किया जाता है. कर्फ्यू के दौरान बाजार, स्कूल, कॉलेज इत्यादि संस्थाएं बंद रहतीं हैं और अन्य सेवाएं भी निलंबित रहतीं हैं.

यदि कोई व्यक्ति या संस्था इस आदेश का अनुपालन नहीं करता/करती है, तो उसे पुलिस द्वारा जुर्माना या गिरफ्तार किया जा सकता है. कर्फ्यू के दौरान लोग कुछ घंटों के लिए घर के अंदर रहने को मजबूर होते हैं लेकिन लोगों को जरूरी सामान खरीदने देने के लिए कर्फ्यू को हटाया भी जाता है, जिसे कर्फ्यू में ढील देना कहा जाता है.

इसका मूल उद्देश्य, देश और प्रदेश में शांति और व्यवस्था बनाये रखना होता है.

लॉकडाउन क्या होता है (What if Lockdown)

लॉकडाउन एक आपातकाल जैसी प्रणाली है, जिसके तहत निजी और सरकारी कार्यालय (कुछ को छोड़कर), निजी प्रतिष्ठान और सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह से बंद हो जाते हैं. यह सरकार द्वारा अपनाई गई एक अस्थायी प्रणाली होती है. 

इसका मूल उद्देश्य, किसी भी दूषित बीमारी आदि के प्रकोप को फैलने से रोकने के लिए लोगों के बीच व्यक्तिगत संपर्क को कम करना होता है.


भारत में प्रधानमन्त्री मोदी ने COVID-19 को फैलने से रोकने के लिए पूरे देश में अगले 21 दिनों के लिए लॉकडाउन की घोषणा कर दी है.

लॉकडाउन और कर्फ्यू में अंतर (Difference between the Lockdown and Curfew)

यद्यपि इन दोनों प्रणालियों के प्रभाव और उद्देश्य लगभग समान हैं. लेकिन फिर भी लॉकडाउन और कर्फ्यू के बीच कुछ अंतर होता हैं. आइये इन अंतरों पर नजर डालते हैं; 

1. कर्फ्यू के दौरान, सभी आवश्यक सेवाएं और बाजार एक अवधि के लिए बंद रहते हैं लेकिन लॉकडाउन में आवश्यक सेवाएं और जरूरी बाजार/दुकानें बंद नहीं होते हैं.

2. कर्फ्यू के दौरान, बाजार, स्कूल, कॉलेज और बैंक जैसी आवश्यक सेवाएं बंद रहती हैं, जब कर्फ्यू में ढील दी जाती है तो लोगों को इन सभी सेवाओं का लाभ मिलता है.
जबकि लॉकडाउन के दौरान; बैंक, एटीएम, गैस एजेंसी, डाकघर, फायर ऑफिस, अस्पताल, मेडिकल स्टोर, दूध बूथ आदि जैसी आवश्यक सेवाएं आम जनता के लिए खुली रहती हैं.

3. कर्फ्यू को किसी विशेष क्षेत्र में कुछ विशेष घंटों की निर्धारित संख्या के लिए लगाया जाता है, लेकिन लॉकडाउन आमतौर पर अधिक लंबी अवधि के लिए किया जाता है.

4. आम तौर पर, देश में कर्फ्यू किसी सांप्रदायिक दंगे, आतंकी घटना इत्यादि के माहौल में लगाया जाता है लेकिन लॉकडाउन को किसी विशेष परिस्थिति में लगाया जाता है जैसे कि अभी COVID-19 के कारण 21 दिनों के लिए पूरे देश में लॉकडाउन घोषित किया गया है.

5. कर्फ्यू की अवधि और कवरेज लॉकडाउन से कम होती है जैसा कि खबरों में आया है कि अब पूरे देश में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन घोषित किया गया है. 

जबकि कर्फ्यू आम तौर पर किसी एक जिले या तहसील में कुछ घंटों के लिए लगाया जाता है. जैसे; जब कश्मीर के कुछ इलाकों में कोई आतंकी घटना या दंगा हो जाता है या होने की आशंका होती है तो प्रशासन एहतियात के तौर पर कर्फ्यू लगाता है.

तो ये थे कर्फ्यू और लॉकडाउन के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतर. मुझे उम्मीद है कि आप कर्फ्यू और लॉकडाउन के बीच के अंतर को समझ गए होंगे. ऐसे ही और अधिक लेख पढ़ने के लिए, नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें;

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