अमेरिका का सरकारी शटडाउन क्या है?

जैसा की हम जानतें हैं कि अमेरिका में सरकारी शटडाउन की स्थिति अभी तक बनी हुई है. आखिर सरकारी शटडाउन होता क्या है? यह कैसे और किन-किन परिस्थितियों में किया जाता है, उस देश के लोगों पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है, अमेरिका में शटडाउन होने से क्या अन्य देशों पर भी प्रभाव पड़ेगा, इत्यादि. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं? अमेरिका में संघीय सरकार (Federal Government) सत्ता में है और शटडाउन के कारण इसके विभिन्न विभाग यानी यानी डिपार्टमेंटस भी शटडाउन हो गए हैं, वहां काम नहीं हो पा रहा है. यहीं आपको बता दें कि अमेरिका में शटडाउन 22 दिसंबर 2018 को शुरू हुआ था और अभी तक ये चल रहा है.

आखिर शटडाउन क्या होता है?

इसे ऐसे समझा जा सकता है कि जब भारत में केंद्रीय सरकार के कई विभाग काम करना बंद कर देते हैं जैसे राजस्व विभाग, विभिन्न मंत्रालय काम करना बंद कर देते हैं, सरकारी कर्मचारीयों को अगर पगार मिलनी बंद हो जाए इत्यादि तो इसको सरकारी शटडाउन कहा जाता है. अमेरिका में गवर्नमेंट शटडाउन ही हो रहा है. बहुत से मंत्रालय, विभाग काम नहीं कर रहे हैं, सरकारी कर्मचारियों को पगार भी नहीं मिल रही है, लगभग 3.8 लाख कर्मचारी छुट्टी पर चले गए हैं. लेकिन ये पूर्ण रूप से शटडाउन नहीं हैं इसे पार्शियल शटडाउन कहते हैं. हालाकि अमेरिका के इतिहास में पहले पूर्ण रूप से भी शटडाउन हो चुका है. इससे आर्थिक व्यवस्था को काफी नुक्सान पहुचता है.

यहीं हम आपको बता दें कि आर्थिक संकट के कारण शटडाउन के दौरान संघीय कर्मचारियों को जरूरी और कम-जरूरी जैसे दो समूहों में बांट दिया जाता है. इनमें पहली क्ष्रेणी के कर्मचारी काम पर तो आते हैं लेकिन उनको पगार नहीं मिलती है. ये कुछ खास-खास विभाग के कर्मचारी होते हैं जैसे रक्षा फेडरल जेल, सोशल सिक्यूरिटी इत्यादि. वहीं दूसरे क्ष्रेणी के कर्मचारीयों को घर पर बिठा दिया जाता है, जब तक कि शटडाउन खत्म न हो जाए. जिनमें होमलैंड सिक्योरिटी, न्याय विभाग, आवास एवं शहरी विकास विभाग शामिल हैं. इन विभागों को कम-जरूरी या गैरजरूरी विभागों में रखा जाता है, जिसके बिना कुछ वक्त तक के लिए काम चल सकता है. शटडाउन के खत्म होने के बाद कर्मचारियों को पगार मिलती है और काम पर बुला लिया जाता है.

वर्तमान में अमेरिका में पार्शियल शटडाउन हुआ है जिसके तहत कुछ विभाग काम नहीं कर रहे हैं और कुछ कर रहे हैं. अब सवाल उठता है कि आखिर ये स्थिति बनी कैसे, शटडाउन कैसे हुआ और क्यों. आइये देखते हैं.

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अमेरिका में शटडाउन कैसे और क्यों हुआ?


ये हम सब जानते हैं कि किसी भी सरकार को काम करने के लिए पैसों की जरुरत होती है. वहां पर कर्मचारियों को पगार देनी होती है वगेरा. अमेरिका की फ़ेडरल गवर्नमेंट का नेतृत्व डोनाल्ड ट्रंप करते हैं और उनको यूनाइटेड स्टेट्स कांग्रेस (United States Congress) से पैसे मिलते हैं. अमेरिका में संसद को कांग्रेस कहा जाता है और वहां पर लोअर हाउस को हाउस ऑफ रिप्रेजेन्टेटिव (House of Representatives) और अप्पर हाउस को सीनेट (Senate) कहा जाता है. यहां पर भी कोई बिल पास करने के लिए दोनों सदनों की मंजूरी लेनी होती है और फिर मंजूरी मिलने पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होते हैं.

23 अगस्त, 2018 को, अमेरिकी सीनेट ने वित्तीय वर्ष 2019 के लिए $ 850 बिलियन के खर्च बिल को मंजूरी दी थी. 18 सितंबर को, कांग्रेस ने रक्षा, श्रम, शिक्षा और स्वास्थ्य और मानव सेवा विभागों को वित्तपोषित करने वाला एक अल्पकालिक खर्च विधेयक भी पारित किया. लेकिन ट्रंप की सरकार बिल में 5 बिलियन डॉलर को और जोड़ना चाहती थी यूएस-मेक्सिको वाल बनाने के लिए. आइये अध्ययन करते हैं डिटेल में.

यूएस-मेक्सिको सीमा पर दिवार के लिए डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और विपक्षी पार्टी के बीच फंडिंग के लिए सहमति न होने के कारण बिल पास नहीं हुआ. सीमा की सुरक्षा के लिए वहां की सरकार इस दिवार को बनाना चाहती थी और इसके लिए ट्रंप प्रशासन ने 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर का बजट दिया था, जो पास नहीं हुआ. बिल में 850 बिलियन डॉलर की दोनों हाउस से सहमति दी गई थी लेकिन सरकार दिवार बनाने के लिए 5 बिलियन डॉलर जोड़ना चाहती थी. ऐसा न होने पर सरकार को शटडाउन का सामना करना पड़ रहा है. क्या आप जानते हैं कि अमेरिका में एंटी-डेफिशिएंसी नाम का कानून है, जिसके तहत पैसों की कमी होने पर सरकारी कर्मचारियों को काम रोकना होता है. ये नौबत तब आती है जब संसद में फंडिंग को लेकर रजामंदी न हो और यहीं अमेरिका में हो रहा है.

शटडाउन के होने से क्या-क्या प्रभाव पड़ता है?

शटडाउन के दौरान सरकारी संस्थाओं को कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया जाता है. लेकिन मिलिट्री, एयर ट्राफिक कंट्रोल, फेडरल जेल और सोशल सेक्योरिटी पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. इस कारण लाखों लोगों को बेरोजगारी का सामना करना पड़ता है और इसका सबसे ज्यादा प्रभाव उस सरकार पर होता है जो कि सत्ता में होती है. इस बात को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है कि शटडाउन के कारण जनता में सरकार के प्रति गुस्सा और अविश्वास भी पैदा होता है.

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अमेरिका में अब तक कितनी बार शटडाउन हो चुका है?

1981 से यूएस के इतिहास में 12 गवर्नमेंट शटडाउन हो चुके हैं. शटडाउन  कितने समय तक चलेगा ये निर्भर करता है कि कब तक राष्ट्रपति और कांग्रेस के बीच में पैसों को या फण्ड को लेकर विवाद चलेगा. जब तक वार्ता आगे नहीं बढ़ेंगी शटडाउन चलता रहेगा. यहीं आपको बता दें की सबसे बड़ा शटडाउन जो अभी तक अमेरिका में हुआ था वो बिल कलिंगटन के समय में हुआ था. ये शटडाउन लगभग 21 दिन चला था. वर्तमान में अमेरिका में जो शटडाउन चल रहा है Standard and Poor की Global Analyst Report के अनुसार हर हफ्ते अमेरिका को 6.5 बिलियन डॉलर का नुक्सान होगा. अमेरिका की आर्थिक व्यवस्था को काफी नुक्सान होगा , विभिन्न कंपनियों को नुक्सान होगा क्योंकि कर्मचारियों को वेतन न मिलने पर वो बजार से समान नहीं खरीदेंगे जिससे डिमांड कम होगी और नुक्सान होगा, आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो जाती है. करीब 1 मिलियन सरकारी कर्मचारियों को अमेरिका में पगार नहीं मिल रही है.

इस शटडाउन से दुनिया पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

अमेरिका के अलावा, मेक्सिको और कनाडा की सरकार को सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ सकता है. यदि अमेरिका में डिमांड कम होगी तो कनाडा और मेक्सिको की कंपनियां जो चीज़ों को अमेरिका को निर्यात करती हैं उनमें कमी आएगी. अगर ये शटडाउन कुछ ही दिनों में रुक जाता है तो वर्ल्ड इकॉनमी को कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा लेकिन अगर शटडाउन ज्यादा दिनों के लिए चलता है तो अमेरिका में आर्थिक संकट से दिक्कतें बड़ जाएंगी ओए इससे वर्ल्ड इकॉनमी पर भी फर्क पड़ेगा.

तो अब आप समझ गाए होंगे कि अमेरिका का गवर्नमेंट शटडाउन क्या है, अब तक कितनी बार अमेरिका में शटडाउन हो चुका है और इसका अन्य देशों पर क्या प्रभाव पड़ता है इत्यादि.

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