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अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस क्यों मानाया जाता है

1 मई, 1886 से अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत हुई| इसको अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस, श्रम दिवस या मई दिवस भी कहते हैं|

इस दिवस को मनाने के पीछे उन मजदूर यूनियनों की हड़ताल है जो कि आठ घंटे से ज्यादा काम ना कराने के लिए की गई थी|

ये हम सब जानते हैं कि मजदूर हमारे समाज का वह हिस्सा है जिसपर समस्त आर्थिक उन्नति टिकी हुई हैl वर्तमान समय के मशीनी युग में भी उनकी महत्ता कम नहीं हुई हैl

उदाहरण के लिए, उद्‌योग, व्यापार, कृषि, भवन निर्माण, पुल एवं सड़कों का निर्माण आदि समस्त क्रियाकलापों में मजदूरों के श्रम का योगदान महत्त्वपूर्ण होता है।

मजदूर अपना श्रम बेचकर न्यूनतम मजदूरी प्राप्त करता है। इसीलिए अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक संघ को बढ़ावा देने के लिये मजदूर दिवस को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता हैl पारंपरिक तौर पर इसको यूरोप में गर्मी के अवकाश के रूप में घोषित किया गया था, इसीलिए पूरे विश्व में 1 मई को “अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस” मनाया जाता हैl

इस दिन लगभग 80 देशों में राष्ट्रीय अवकाश होती हैl अमेरिका और कनाडा में सितंबर महीने के पहले सोमवार को “मजदूर दिवस” मनाया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस 2018 का थीम

अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक संगठन के सदस्यों के द्वारा बनाया जाता है और 2018 का थीम "सामाजिक और आर्थिक प्रगति के लिए श्रमिकों को एकजुट करना" है।

अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस या मई दिवस क्यों मनाया जाता हैं ?

 

आठ घंटे के कार्यदिवस की जरुरत को बढ़ावा देने के अलावा मजदूरों और मालिकों के बीच संघर्ष को खत्म करने के लिये अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया जाता हैl पहले मजदूरों के काम करने की स्थिति बहुत कष्टदायक और असुरक्षित थीl उन्हें 10 से 16 घंटों तक काम करना पड़ता थाl

1860 के दशक में कार्यस्थल पर मजदूरों को चोट लगना या उनकी मृत्यु होना आदि आम बात थीl इसीलिए ऐसी दुर्घटनाओं और काम करने के घंटों को कम करने के लिए आवाज़ उठाई गईl मजदूरों और समाजवादियों के बहुत सारे प्रयासों के बाद, मजदूरों की अमेरिकन संघ के द्वारा 1884 में श़िकागो के राष्ट्रीय सम्मेलन में मजदूरों के लिये काम के लिए वैधानिक समय के रूप में आठ घंटे निर्धारित किया गयाl

पृथ्वी दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

1 मई, 1886 से अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस मनाने की शुरुआत हुई थीl अमेरिका के मजदूरों ने 8 घंटें को कम करने के लिए हड़ताल की थीl इसी हड़ताल के दौरान शिकागो के “हेय मार्किट” में बम धमाका हुआ थाl जिसके कारण पुलिस ने मजदूरों पर गोली चला दी और कुछ मज़दूर मरे गएl उस समय अमेरिका पर इन घटनाओं का कोई प्रभाव नहीं पड़ा, लेकिन बाद में 8 घंटे काम करने के समय को निश्चित कर दिया गया थाl

भारत में 1 मई 1923 को श्रमिकों द्वारा “मद्रास दिवस” मनाया गया थाl किसान मज़दूर पार्टी के नेता कामरेड “सिंगरावेलू चेट्यार” ने इसकी शुरूआत की थी और मद्रास हाईकोर्ट सामने इस दिन को पूरे भारत में “मजदूर दिवस” के रूप में मनाने का संकल्प लिया और छुट्टी का ऐलान किया थाl

 अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस के संबंध में विभिन्न व्यक्तियों के वक्तव्य

 Source: www.etftrends.com
- फ्रैंकलीन डी रूज़वेल्ट के अनुसार, “किसी कारोबार को ऐसे देश में जारी रहने का अधिकार नहीं है जो अपने श्रमिकों को जीवन निर्वाह के लिए आवश्यक मजदूरी से भी कम मजदूरी पर काम करवाता हैl जीवन निर्वाह के लिए आवश्यक मजदूरी से मेरा मतलब सम्मानपूर्वक जीवन निर्वाह के लिए आवश्यक मजदूरी से है।”

- मार्टिन लूथर किंग जूनियर के अनुसार, “इंसानियत को ऊपर उठाने वाले सभी श्रमिकों की अपनी प्रतिष्ठा और महत्व है, अतः श्रमसाध्य उत्कृष्टता के साथ किया जाना चाहिए।”

- अब्राहम लिंकन के अनुसार, “अगर कोई व्यक्ति आपसे कहे कि वह अमेरिका से प्यार करता है, फिर भी मजदूर से नफरत करता है, तो वह झूठा हैl अगर कोई कहे कि वो अमेरिका पर भरोसा करता है, फिर भी मजदूर से डरता है,  तो वह एक बेवकूफ है।”
- एडम स्मिथ के अनुसार, “दुनिया की सारी संपदा को वास्तव में सोने या चाँदी से नहीं, बल्कि मजदूरी के द्वारा खरीदा जा सकता हैl”

- जॉन लोके के अनुसार, “वास्तव में ये मजदूर ही हैं, जो सभी चीजों में अन्तर पैदा करते हैंl”

अंतरराष्ट्रीय खदान जागरुकता और खनन कार्य सहायता दिवस 2018

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