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जानें पदार्थ के कण लगातार क्यों चलते रहते हैं?

हमारे चारों तरफ जो भी हमें दिखता है वो छोटे-छोटे कणों से ही तो बना होता है. जो कण पदार्थ को बनाते हैं, उन्हें परमाणु या अणु कहा जाता है. हमारा शरीर, कुर्सी, टेबल, पुस्तक इत्यादि सभी कणों से बने होते हैं.

पदार्थ और उनकी गति में कणों के अस्तित्व का सबूत विसरण (diffusion) से पता चलता है यानी विभिन्न पदार्थों के मिश्रण से और Brownian motion से. तरल या गैस में निलंबित छोटे कणों के ज़िग-ज़ैग संचलन को ही ब्राउनियन गति कहते है.

सबसे पहले हम पदार्थ के बारे में अध्ययन करेंगे.

ऐसा कुछ भी जिसमें घनत्व होता है, जो स्थान घेरता है और जिसे हम एक या एक से अधिक इंद्रियों द्वारा महसूस कर पाते हैं उसे पदार्थ (Matter) कहते है. उदाहरण के लिए हवा और पानी; हाइड्रोजन और ऑक्सीजन; चीनी और रेत; चांदी और स्टील इत्यादि. ये विभिन्न प्रकार के पदार्थ हैं जिनमें वेट, आयतन होता है और ये स्थान भी घेरते हैं. पदार्थ ठोस, तरल, गैस और प्लाज्मा के रूप में भी मौजूद होते हैं.

पदार्थ के कणों की क्या विशेषताएं होती हैं?

- पदार्थ के कण बहुत छोटे होते हैं.

- इनके कणों के बीच में जगह होती है.

- पदार्थ के कण लगातार चलते रहते हैं.

- पदार्थ के कण एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं.

- पदार्थ के कणों के मध्य एक आकर्षण बल उपस्थित होता है जिसे अंतरा-अणुक बल कहते हैं. इसी बल के कारण किसी पदार्थ के कण परस्पर बंधे रहते हैं.

- ये बल ठोसों में सबसे अधिक, द्रवों में उससे कम तथा गैसों में सबसे कम होता है. इसलिए द्रवित पदार्थ को आसानी से अलग कर लिया जाता है जबकि ठोस पदार्थ को नहीं.

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अब, अध्ययन करते हैं कि पदार्थ के कण लगातार कैसे चलते रहते हैं?

विसरण या प्रसार (diffusion) प्रक्रिया और ब्राउनियन गति की सहायता से यह बताया जा सकता है कि पदार्थ के कण लगातार चलते रहते हैं.

सबसे पहले, हम दो प्रयोगों का वर्णन करेंगे जिनमें गैसों में प्रसार और तरल पदार्थ में प्रसार शामिल हैं.

(i) जब हम कमरे में किसी एक कोने में अगरबत्ती या धूप को जलाते हैं तो, इसकी सुगंध पूरे कमरे में फैल जाती है. इसे निम्नानुसार समझाया जा सकता है: अगरबत्ती के जलने से गैस या वाष्प बनती है जिसमें सुखद गंध होती है. इस उत्पन्न गैसों के कण सभी दिशाओं में तेज़ी से आगे बढ़ते हैं, कमरे में हवा के चलते कणों के साथ मिक्ष्रित हो जाते हैं और हवा के साथ कमरे के हर हिस्से में जल्दी पहुंच जाते हैं.

 जब अगरबत्ती के जलने से उसके गैसीय कण हवा के साथ हमारी नाक तक पहुंचते हैं, तो हम सुगंध को आसानी से सूंघ सकते हैं. यदि, अगरबत्ती को जलाने से उत्पन्न गैसों के कण और हवा के कण आगे नहीं फैलते तो इसकी सुगंध पूरे कमरे में जल्दी से नहीं फैलती. तो, हम कह सकते हैं कि एक ज्वलनशील धूप की गैस और उसकी सुगंध पूरे कमरे में बहुत जल्दी फैलती है जो दिखाता है कि पदार्थ के कण यानी अगरबत्ती के द्वारा उत्पन्न हुई गैस और हवा लगातार चल रहे हैं.

(ii) अब, हम कॉपर सल्फेट का पानी में प्रसार की प्रक्रिया के बारे में अध्ययन करेंगे. क्या आप जानते हैं कि कॉपर सल्फेट के क्रिस्टल का रंग नीला होता है? जब एक पानी से भरे जार या बीकर में कॉपर सल्फेट के कुछ क्रिस्टल रखते हैं, तो पूरे बीकर या जार में पानी धीरे-धीरे नीला होने लगता है. इस प्रक्रिया को कॉपर सल्फेट के कणों और पानी के कणों की गति के आधार पर समझाया जा सकता है:

कॉपर सलफेट के क्रिस्टल पानी में घुल कर उसको नीले रंग का बना देते हैं क्योंकि इसके कण का रंग नीला होता है. पानी के कण और कॉपर सलफेट के कण चलते रहते है जिसके कारण एक साथ मिलकर पानी के रंग को बदल देते हैं और इसी प्रक्रिया को प्रसार या diffusion कहते हैं. यह प्रक्रिया तब तक चलती रहती है जब तक सारे पानी का रंग नीला ना हो जाए.

ऐसे कई उदाहरण हैं जिनसे पता चलता है कि पदार्थ के कण लगातार चलते रहते है:

- रसोई में पकाए जाने वाले भोजन की सुगंध हमें काफी दूरी से भी आजाती है.

- इत्र की गंध हवा में इत्र वाष्प के प्रसार के कारण फैलती है.

- पोटेशियम परमैंगनेट के क्रिस्टल का एक गिलास पानी में विघटन से घोल गुलाबी हो जाता है.

- जब हम ज़ोर से चिल्लाते हैं तो हम से दूर खड़े व्यक्ति को हवा के माध्यम से प्रचारित ध्वनि के रूप में सुना जा सकता है.

तो, हम कह सकते हैं कि पदार्थ के कण लगातार चलते रहते हैं.

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