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भारत में भील राज्य की मांग कहाँ और किसके द्वारा की जा रही है?

भील जनजाति, भारत में बहुत पुराने समय से रहती आ रही है. वर्तमान में 1.7 करोड़ की आबादी वाला यह जनजातीय समुदाय अलग भील प्रदेश की मांग कर रहा है. आइये इस लेख में जानते हैं कि किस जगह के लोग इस भील प्रदेश की मांग कर रहे हैं?
May 27, 2020 17:40 IST
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Demand of Bhil State
Demand of Bhil State

भील, मध्य भारत की एक जनजाति का नाम है जो कि मुख्य रूप से राजस्थान, गुजरात,मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और त्रिपुरा में फैली हुई है.इस प्रकार यह भील जनजाति भारत की सर्वाधिक विस्तृत क्षेत्र में फैली हुई जनजाति है.

भील शब्द की उत्पत्ति "वील" से हुई है जिसका द्रविड़ भाषा में अर्थ होता हैं "धनुष". भील जनजाति को "भारत का धनुष पुरुष " कहा जाता है क्योंकि ये धनुष विद्या में बहुत माहिर होते हैं. 

भील जाति दो प्रकार से विभाजित है-
1. उजलिया/क्षत्रिय भील:- उजलिया भील मूल रूप से वे क्षत्रिय है जो मुगल आक्रमण के समय जंगलों में चले गए थे.

2. लंगोट भील:-ये वनों में रहने वाले मूल भील है इनके रीति रिवाज आज भी पुराने है.ये मुख्यतः मध्य प्रदेश में रहते हैं.
राजस्थान में राणा पूंजा भील जी को याद किया जाता है जिन्होंने महाराणा प्रताप के साथ मिलकर मुगलों के छक्के छुड़ा दिए थे. मेवाड़ और मेयो कॉलेज के राज चिन्ह पर भील योद्धा का चित्र अंकित है.

वर्ष 2013 तक भील समुदाय भारत में सबसे बड़ा जनजातीय समुदाय था जिसकी कुल जनसंख्या 1.7 करोड़ थी.

भील समुदाय के महत्वपूर्ण लोग इस प्रकार हैं;

1. सरदार हेमसिंह भील

2. टंट्या भील

3. दिवालीबेन भील

4. नानक भील

5. सरदार हिरीया भील

6. कृशण भिल

भील राज्य की मांग क्यों और कहाँ उठ रही है? (Why demand of Bhil State)

भारत में भील राज्य बनाने की मांग मुख्य रूप से राजस्थान मध्य प्रदेश और गुजरात के ट्राइबल बेल्ट से उठ रही है. ये लोग चाहते हैं कि जिन जगहों से भील समुदाय के लोगों को भगा दिया गया था वहां पर उन्हें वापस बसाया जाये ताकि ये लोग अपने अधिकारों और पहचान को दुबारा प्राप्त कर सकें. इन लोगों की यह भी मांग है कि नेचुरल रिसोर्सेज पर पहला हक़ आदिवासी समुदायों का होना चाहिए.

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भील राज्य को राजस्थान,गुजरात मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ जिलों को मिलाकर बनाने की मांग की जा रही है. ये जिले दक्षिणी राजस्थान के जिले डूंगरपुर, बांसवाडा, प्रतापगढ़, मध्य प्रदेश के रतलाम झाबुआ,अलिराजपुर, धार, पेटलावाद, इत्यादि जबकि गुजरात के पूर्वी जिले पंचमहल गोधरा, दाहोद और दक्षिणी जिला डांग और महाराष्ट्र के उत्तरी जिले जिसमें नाशिक, धुले आते हैं.

मांग के अनुसार  भील राज्य का नक्सा इस प्रकार होगा;

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भारतीय ट्राइबल पार्टी का गठन: (BhartiyaTribal Party)

इन लोगों ने अपने अधिकारों की मांग मो राज्य सरकारों के सामने मजबूती से रखने के लिए 2017 में ‘भील ट्राइबल पार्टी’ का गठन भी किया था. इसके लीडर गुजरात के छोटुभाई वसावा है. इस पार्टी ने गुजरात और राजस्थान विधान सभा में दो-दो सीटें भी जीतीं हैं. 

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भारत की जनगणना के हिसाब से देश में सन 1961 में 3 करोड़ की ट्राइबल आबादी थी जो कि 2011 की जनगणना में बढ़कर 10.42 करोड़ हो गयी गई जिनमें दशकीय वृद्धि दर 23.7% की है.

भारत में सबसे अधिक जनजातियों की संख्या 14.7% मध्य प्रदेश में रहती है इसके बाद महाराष्ट्र(10%) और फिर तीसरे नंबर पर 9.2% ओडिशा में रहती है.

ध्यान रहे कि भारत की कुल जनसंख्या में जनजातियों का प्रतिशत 8.6% और भारत की कुल ग्रामीण जनसँख्या का 11.3% हैं. 

भील प्रदेश का आन्दोलन काफी पुराना है. भारतीय जनता पार्टी ने भील प्रदेश बनाने का समर्थन किया है. अब देखते हैं कि अलग भील राज्य की उनकी यह मांग कब सफल होती है?

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