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    आईएमडी द्वारा जारी की गई कलर-कोडेड मौसम चेतावनियां क्या होती हैं?

    आइए इस लेख के माध्यम से आईएमडी द्वारा जारी की गई कलर-कोडेड मौसम चेतावनियों के बारे में जानते हैं।
    Created On: Sep 1, 2021 19:09 IST
    Modified On: Sep 1, 2021 19:22 IST
    आईएमडी द्वारा जारी की गई कलर-कोडेड मौसम चेतावनियां क्या होती हैं?
    आईएमडी द्वारा जारी की गई कलर-कोडेड मौसम चेतावनियां क्या होती हैं?

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) गंभीर मौसम की घटनाओं के प्रबंधन के लिए आपदा प्रबंधन अधिकारियों को कलर-कोडेड मौसम चेतावनी द्वारा इनपुट जारी करता है। ये कलर-कोडेड चेतावनियाँ प्रकृति में सार्वभौमिक हैं और इनका उपयोग प्राकृतिक आपदाओं एवं अन्य खतरनाक मौसम की घटनाओं की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए किया जाता है।

    कलर-कोडेड चेतावनियों के प्रकार:

    आईएमडी ने किसी भी मौसम संबंधी घटना की तीव्रता के आधार पर चार कलर-कोडेड चेतावनियां जारी की हैं। ये इस प्रकार हैं:

    1- हरा
    2- पीला
    3- नारंगी
    4- लाल

    कलर-कोडेड मौसम चेतावनियों का विवरण:

    नीचे  दी गईं कलर-कोडेड मौसम चेतावनियॉ किसी निश्चित समय पर मौसम की घटना कितनी तीव्र या हिंसक है इस बात का वर्णन करती हैं।

    1- हरा (ऑल इज वेल): इसका मतलब है कि कोई गंभीर मौसम की उम्मीद नहीं है और कोई सलाह जारी नहीं की गई है।

    2- पीला (अद्यतन रहें): यह कई दिनों तक गंभीर रूप से खराब मौसम का संकेत देता है।

    3- नारंगी/अंबर (तैयार रहें): यह बेहद खराब मौसम की चेतावनी के रूप में जारी किया जाता है, जिसमें सड़क और रेल बंद होने, बिजली आपूर्ति में रुकावट आदि के साथ आवागमन में व्यवधान की संभावना होती है।

    4- रेड (कार्रवाई करें): यह लोगों को सतर्क रहने और असाधारण उपायों के लिए तैयार रहने और अधिकारियों द्वारा दिए गए आदेशों का पालन करने में मदद करने के लिए जारी किया जाता है।

    आईएमडी द्वारा कलर कोड कैसे तय किए जाते हैं?

    कलर कोड घटना के घटित होने की संभावना के साथ-साथ उसके प्रभाव के आकलन पर आधारित होते हैं। वे विभिन्न कारकों जैसे मौसम संबंधी, हाइड्रोलॉजिकल, भूभौतिकीय जोखिम को इंगित करने वाले कारकों पर तय किए जाते हैं।

    मौसम अलर्ट के लिए आईएमडी कलर कोड का उपयोग क्यों करता है?

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मौसम की चेतावनी में अपेक्षित मौसम की घटनाओं की गंभीरता को सामने लाने के लिए रंग कोड का उपयोग किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को आपदा जोखिम में कमी से संबंधित आवश्यक कार्रवाई करने के लिए अलर्ट जारी करना है।

    आईएमडी के बारे में

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की स्थापना 1875 में भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तत्वावधान में हुई थी। एजेंसी मौसम संबंधी टिप्पणियों, मौसम पूर्वानुमान और भूकंप विज्ञान से संबंधित है।

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