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COVID-19: भारत और इटली के बीच हेल्थकेयर और अन्य सेक्टर्स की तुलना

भारत अपने सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 3.5% स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च करता है और इटली अपनी जीडीपी का लगभग 9% स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करता है. पूरी दुनिया में भारत के हेल्थकेयर सेक्टर की रैंकिंग टॉप 100 में भी नहीं है जबकि इटली का स्थान दुनिया में दूसरा आता है. आइये इस लेख में कोविड 19 के परिपेक्ष्य में भारत और इटली के स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों की तुलना करते हैं.
Mar 30, 2020 13:01 IST
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Indians returning from foreign
Indians returning from foreign

हम सभी ने ख़बरों से जाना कि कोरोना वायरस की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई थी.लेकिन अब सबसे ख़राब हालात अन्य देशों जैसे अमेरिका, इटली और स्पेन की हो रही है. इटली में सबसे अधिक 10,779 मौतें हो चुकी हैं.

इटली 1978 से एक सार्वभौमिक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली चलाता है. यहाँ पर सभी नागरिकों और निवासियों को मिश्रित सार्वजनिक-निजी प्रणाली द्वारा स्वास्थ्य सेवा प्रदान की जाती है. इटली को दुनिया की दूसरी सबसे अच्छी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली और दुनिया की दूसरी सबसे अच्छी स्वास्थ्य सेवा के रूप में जाना जाता है.
जबकि भारत में इटली की तुलना में बहुत अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएँ नहीं हैं. WHO के अनुसार, इटली की सरकार जहाँ अपने नागरिकों के स्वास्थ्य पर हर साल 3427 डॉलर खर्च करती है वहीँ भारत सरकार केवल 241 डॉलर खर्च करती है.

ऐसे में कई लोगों के दिमाग में यह प्रश्न उठ रहा है कि अगर कोविड 19 का प्रकोप भारत में फैला तो परिणाम कितने भयंकर होंगे? इस लेख में इस प्रश्न का उत्तर तो नहीं दिया गया है लेकिन भारत और इटली के बीच हेल्थकेयर क्षेत्र की तुलना अवश्य की गयी है.

भारत और इटली के बीच हेल्थकेयर और अन्य सेक्टर्स की तुलना 

तुलना का आधार

भारत

इटली

जनसंख्या

135 करोड़

6 करोड़

GDP आकार (नॉमिनल)2020

$3.202 ट्रिलियन 

$1.989 ट्रिलियन 

नॉमिनल प्रति व्यक्ति आय  (2020 अनुमान)

$2,338

$32,947

स्वास्थ्य देखभाल पर व्यय  (% of GDP)

3.5%

9%

प्रति 10000 व्यक्ति पर  चिकित्सक संख्या

7

40

कुल अस्पताल

23852 (2018)

1063 (2017)

प्रति व्यक्ति पर स्वास्थ्य खर्च, पीपीपी (वार्षिक)

$241

$3427

कुल कोरोना केस

1024

97,689

कुल कोरोना के कारण मृत्यु

27

10,779

कुल ठीक हुए केस

95

13,030

सक्रीय मामले

902

73,880

गंभीर मामले

0

3906

प्रति मिलियन जनसंख्या पर कुल मामले

0.7

1,616

प्रति मिलियन मौतें

0.02

178

पहला कोरोना केस

29 जनवरी 2020

29 जनवरी 2020

ऊपर टेबल में दिए गये आंकड़े यह सिद्ध करते हैं कि इटली कोरोना से बहुत बुरी तरह से प्रभावित है जबकि उसके पास बहुत अच्छी सुविधाएँ और मजबूत प्रति व्यक्ति आय है. इसके उलट भारत में कोरोना का इतना विस्तार नहीं है, साथ ही सुविधाएँ भी बहुत अच्छी नहीं हैं.

भारत में सभी केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों में सार्वजनिक सुविधाओं में उपलब्ध बिस्तरों की संख्या है, 7,39,024. जब कि देश में 2018 में कुल सरकारी अस्पतालों की संख्या (total hospitals in India) 23852 थी, इसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के अस्पताल शामिल हैं.

1. देश में आयुष अस्पतालों की कुल संख्या 3943 है
2. रक्षा क्षेत्र के अस्पतालों की संख्या:133 है 
3. रेलवे के अस्पतालों की संख्या: 126 (2018)
4. कर्मचारी राज्य बीमा निगम के कुल अस्पताल: 151

सोर्स:PIB, 2018, प्रेस रिलीज़ 

ऐसे समय में जब दुनिया में 722,350 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हों और लगभग 34 हजार लोगों की मौत हो चुकी हो तो इस वायरस की गंभीरता को साझा जा सकता है.

इटली में 4 में से 1 कोरोना पॉजिटिव केस मिल रहा है जबकि भारत में यह संख्या 50 में से सिर्फ 1 केस की है. अतः आंकड़े बताते हैं कि इटली की तुलना में भारत में स्थिति इतनी गंभीर नहीं है जबकि दोनों देशों में 29 जनवरी को कोरोना का पहला मामला सामने आया था. उम्मीद है कि भारत सरकार द्ववारा उठाये जा रहे लॉकडाउन एवं अन्य उपायों का लोगों का समर्थन मिलेगा और भारत इस महामारी पर जल्दी ही काबू पा लेगा.

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