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क्या आप हरित जीडीपी और पारिस्थितिकीय ऋण के बारे में जानते हैं

Shakeel Anwar21-MAY-2018 15:46
Do you know the concept of Green GDP and Ecological Debt HN

जैव विविधता, पारिस्थितिक तंत्र सेवाओं और खनिज जमा, मिट्टी पोषक तत्व, और जीवाश्म ईंधन जैसे संसाधन पूंजीगत संपत्ति के सभी उपयोग हैं, लेकिन इसे राष्ट्रीय खाते या जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में शामिल नहीं किया जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वे पूंजीगत संपत्ति हैं और उनके मौद्रिक उपायों की गणना बाजार मूल्य पर नहीं की जा सकती है।

हरित जीडीपी की अवधारणा जीडीपी (सकल घरेलु उत्पाद) में सकारात्मक लाभ के रूप में परिसंपत्तियों (संपत्ति) में इसी तरह के गिरावट को शामिल या पंजीकृत करने के लिए इस्तेमाल की जाती है, जबकि पारिस्थितिकीय ऋण एक पारिस्थितिक तंत्र के भीतर से संसाधनों की खपत को संदर्भित करता है जो व्यवस्था की पुनर्जागरण क्षमता से अधिक होती है।

हरित जीडीपी क्या है?

Green GDP

Source: www.aseangreenhub.in.th

हरित या ग्रीन जीडीपी आम तौर पर पर्यावरणीय क्षति के समायोजन के बाद जीडीपी में व्यक्त करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इससे तात्पर्य यह  है की सार्वजनिक और निजी निवेश करते समय इस बात को ध्यान में रखा जाए कि कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण कम से कम हो, ऊर्जा और संसाधनों की प्रभावोत्पादकता बढ़े और जो जैव विविधता और पर्यावरण प्रणाली की सेवाओं के नुकसान कम करने में मदद करे।

कार्बन चक्र और वैश्विक कार्बन बजट क्या हैं?

यह पारंपरिक सकल घरेलू उत्पाद की तरह नहीं है। इसका यह भी मतलब नहीं है कि इसके जरिए दुनिया या देश के जंगलों-वनोपज या वन्यजीव की कीमत लगाई जाए। इसका मतलब हरित निवेश से भी नहीं है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के मुताबिक हरित जीडीपी का मतलब जैविक विविधता की कमी और जलवायु परिवर्तन के कारणों को मापना है। हरित जीडीपी का मतलब पारंपरिक सकल घरेलू उत्पाद के उन आँकड़ों से है, जो आर्थिक गतिविधियों में पर्यावरणीय तरीकों को स्थापित करते हैं।

दुनिया में चीन पहला देश है। जिसने 2004 में पहली बार अपने सकल घरेलू उत्पाद में हरित जीडीपी का फॉर्मूला और पैमाना पेश किया था। आर्थिक विकास में पर्यावरण नुकसान की कीमत को लेकर पहली बार चीन ने ही 2006 में 2004 के आँकड़े जारी किए थे।

पारिस्थितिकीय ऋण क्या है?

Ecological Debt

Source: uwcm-geog.wikispaces.com

पारिस्थितिक ऋण की अवधारणा 1990 के दशक में अस्त्तिव मे आयी थी जब सामाजिक आंदोलनों के कारण पर्यावरणीय जागरूकता, पिछले औपनिवेशिक अधीनताओं के लिए जिम्मेदारी की उभरती पश्चिमी चेतना, और ऋण संकट के दौरान एक सामान्य भावना का विकास हुआ था। इसे स्थानीय रूप से टिकाऊ प्राकृतिक उत्पादन और आकस्मिक क्षमता से अधिक जनसंख्या द्वारा संसाधन खपत और अपशिष्ट निर्वहन के स्तर के रूप में जाना जाता है।

कार्बन पदचिह्न और कार्बन ऑफसेटिंग क्या हैं?

यह एक सैद्धांतिक नींव पर बनाया गया है जो जैव-भौतिक लेखा प्रणाली, पारिस्थितिक अर्थशास्त्र, पर्यावरण न्याय और मानवाधिकार, ऐतिहासिक अन्याय और पुनर्स्थापन, और पारिस्थितिक रूप से उन्मुख विश्व-प्रणाली विश्लेषण ढांचे पर कार्य करता है। यह कच्चे माल के निर्यात और अपेक्षाकृत गरीब देशों या क्षेत्रों से बेचे जाने वाले अन्य उत्पादों के निर्यात के कारण उत्पन्न होता है जिसमें स्थानीय या वैश्विक बाह्यताओं के लिए मुआवजे शामिल नहीं होते हैं; और समृद्ध देशों या क्षेत्रों में भुगतान के बिना पर्यावरणीय स्थान या सेवाओं के असमान उपयोग करते हैं।

पर्यावरण और पारिस्थितिकीय: समग्र अध्ययन सामग्री