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शेर शाह सूरी के प्रशासन पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

09-AUG-2018 12:50

    GK Questions and Answers on the Administration of Sher Shah Suri HN

    शेरशाह सूरी एक शानदार रणनीतिकार, सक्षम सेनापति तथा एक प्रतिभाशाली प्रशासक था। 1540-1545 के अपने पांच साल के शासन के दौरान उन्होंने नयी नगरीय और सैन्य प्रशासन की स्थापना की, पहला रुपया जारी किया, भारत की डाक व्यवस्था को पुनः संगठित किया और अफ़गानिस्तान में काबुल से लेकर बांग्लादेश के चटगांव तक ग्रांड ट्रंक रोड को बनवाया था जो आज भी प्रयुग में है।

    1. शेर शाह सूरी ने अपने पूरे साम्राज्य को कितने सरकारों (ज़िलों) में विभाजित किया था?

    A. 47

    B. 48

    C. 49

    D. 50

    Ans: A

    व्याख्या: शेरशाह सूरी को व्यवस्था सुधारक के रूप में माना जाता है, व्यवस्था प्रवर्तक के रूप में नही। शेरशाह का शासन अत्यधिक केन्द्रीकृत था। सम्पूर्ण साम्राज्य को 47 सरकारों (ज़िलों) में बाँट दिया था। इसलिए, A सही विकल्प है।

    2. शेर शाह सूरी द्वारा कितने केंद्रीय विभाग स्थापित किए गए थे?

    A. छः

    B. पांच

    C. चार

    D. तीन

    Ans: C

    व्याख्या: शेर शाह सूरी ने चार मुख्य केंद्रीय विभागों की स्थापना की थी: दीवान-ए-विजारत (वित्त विभाग); दीवान-ए-आर्ज़ (सैन्य विभाग); दीवान-ए-इनशा (रॉयल सचिवालय); और दीवान-ए-रसालत (धार्मिक और विदेशी मामलों के लिए विभाग)। इसलिए, C सही विकल्प है।

    3. निम्नलिखित में से कौन दीवान-ए-अरज़ के केंद्रीय विभाग का नेतृत्व किया करता था?

    A. दबीर

    B. आरिज़-ए- ममालिक

    C. क़ाज़ी

    D. सम्राट

    Ans: B

    व्याख्या: आरिज़-ए- ममालिक दीवान-ए-आर्ज़ का प्रमुख था। इसलिए, C सही विकल्प है।

    4. निम्नलिखित का मिलान करे:     

          Set I

    a. दीवान-ए-विजारत

    b. दीवान-ए-आर्ज़

    c. दीवान-ए-इनशा

    d. दीवान-ए-रसालत

         Set II

    1. वित्त विभाग

    2. सैन्य विभाग

    3. शाही सचिवालय

    4. धार्मिक और विदेशी मामलों के लिए विभाग

    Code:

         a    b      c       d

    A.  1    2      3       4  

    B.  4    3      2       1

    C.  1    4      2       3

    D.  3    1      2       4

    Ans: A

    व्याख्या: सही मिलान नीचे दिया गया है-

    दीवान-ए-विजारत : वित्त विभाग

    दीवान-ए-आर्ज़: सैन्य विभाग

    दीवान-ए-इनशा: शाही सचिवालय

    दीवान-ए-रसालत: धार्मिक और विदेशी मामलों के लिए विभाग

    इसलिए, A सही विकल्प है।

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     5. शेर शाह सूरी द्वारा प्रस्तावित तांबा सिक्का कौन सा नहीं था?

    A. दम

    B. आधा दम

    C. चौथाई दम

    D. आना

    Ans: D

    व्याख्या: शेर शाह सूरी ने त्रि-धातुवाद की एक प्रणाली की शुरुवात की थी जिसे 'रुपिया' कहा जाता था। तांबे के सिक्कों को  दम, आधा दम और चौथाई दम कहा जाता था। इसलिए, D सही विकल्प है।

    6. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें।

    I. किसानों को जरीबाना (सर्वेक्षण शुल्क) और मुहासिलाना (कर संग्रह शुल्क) का भुगतान होता था।

    II. इन शुल्कों की दर क्रमशः 2.5 प्रतिशत और 5 प्रतिशत थी।

    उपरोक्त में से कौन सा कथन शेर शाह सूरी की राजस्व नीति के सन्दर्भ में सही है?

    A. Only I

    B. Only II

    C. Both I and II

    D. Neither I nor II

    Ans: C

    व्याख्या: शेर शाह सूरी की राजस्व नीति: किसानों को जरीबाना (सर्वेक्षण शुल्क) और मुहासिलाना (कर संग्रह शुल्क) का भुगतान होता था। इन शुल्कों की दर क्रमशः 2.5 प्रतिशत और 5 प्रतिशत थी। इसलिए, C सही विकल्प है।

    7. निम्नलिखित में से कौन सही जोड़ी नहीं है?

    A. शिकदार: कानून और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी थी।

    B. अमीन: राजस्व इकट्ठा करने की जिम्मेदारी थी।

    C. मुनसिफ: न्यायिक मामलों की देखभाल करने की जिम्मेदारी थी।

    D. शिकदार-ए-शिकदरन: राजस्व संग्रह की निगरानी करने की जिम्मेदारी थी।

    Ans: D

    व्याख्या: शेर शाह सूरी का प्रशासन-

    केंद्रीय विभाग

    आरिज़-ए-मामालिक- सैन्य विभाग का नेतृत्व किया करता था।

    दबीर- शाही सचिवालय का नेतृत्व किया करता था।

    काजी- दीवानी-कज़ा नामक विभाग का नेतृत्व किया करता था।

    सरकार स्तर

    शिकदार-ए-शिकदरन: कानून और व्यवस्था बनाए रखनें की जिम्मेदारी थी।

    मुंशीफ-ए-मुंशीफान: राजस्व संग्रह की निगरानी रखनें की जिम्मेदारी थी।

    परागाना स्तर

    शिकदार: कानून व्यवस्था बनाए रखनें की जिम्मेदारी थी।

    अमीन: राजस्व इकट्ठा करने की जिम्मेदारी थी।

    मुनसिफ: न्यायिक मामलों की देखभाल करने की जिम्मेदारी थी।

    इसलिए, D सही विकल्प है।

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    8. निम्नलिखित में से किस की सही जोड़ी है?

    A. दाबीर: दीवान-ए-इनशा

    B. काजी: दीवान-ए-इनशा

    C. मुंशीफ-ए-मुंशीफान: कानून और व्यवस्था बनाए रखें

    D. उपरोक्त सभी

    Ans: A

    व्याख्या: सही जोड़ी इस प्रकार हैं -

    दाबीर: दीवान-ए-इनशा

    क़ाज़ी: दीवानी-कज़ा

    मुंशीफ-ए-मुंशीफान: राजस्व संग्रह की निगरानी करनें की जिम्मेदारी थी।

    इसलिए, A सही विकल्प है।

    9. निम्नलिखित कथनों पर विचार करें।

    I. शेर शाह सूरी ने त्रि-धातुवाद की एक प्रणाली की शुरुवात की थी जिसे 'रुपिया' कहा जाता था। उसनें सोने, चाँदी एवं तांबे के आकर्षक सिक्के चलवाये थे। कालान्तर में इन सिक्कों का अनुकरण मुग़ल सम्राटों ने किया था।

    II. रुपया आज भारत, इंडोनेशिया, मालदीव, मॉरीशस, नेपाल, पाकिस्तान, सेशेल्स, श्रीलंका में अन्य देश राष्ट्रीय मुद्रा के रूप में उपयोग किया जाता है।

    उपरोक्त में से कौन सा कथन शेरशाह सूरी के चलाये गए सिक्को के सन्दर्भ में सही है?

    Code:

    A. Only I

    B. Only II

    C. Both I and II

    D. Neither I nor II

    Ans: C

    व्याख्या: रुपया (चाँदी का सिक्का) को भारत में जारी करने वाला प्रथम शासक शेर शाह सूरी था। उसके इसे जारी करने के बाद यह मुग़ल शासको के परवर्ती काल तक चलता रहा। आज भारत, इंडोनेशिया, मालदीव, मॉरीशस, नेपाल, पाकिस्तान, सेशेल्स, और श्रीलंका में रुपया अन्य देश राष्ट्रीय मुद्रा के रूप में उपयोग किया जाता है। इसलिए, C सही विकल्प है।

    10. निम्नलिखित में से कौन शेर शाह शासनकाल के दौरान परगना स्तर पर न्यायिक मामलों की देखरेख करता था?

    A. मुन्सिफ़

    B. शिकदार

    C. अमीन

    D. काजी

    Ans: A

    व्याख्या: शेरशाह के शासनकाल के दौरान परगना स्तर पर अधिकारी-

    शिकदार: कानून व्यवस्था बनाए रखनें की जिम्मेदारी थी।

    अमीन: राजस्व इकट्ठा करने की जिम्मेदारी थी।

    मुनसिफ: न्यायिक मामलों की देखभाल करने की जिम्मेदारी थी।

    इसलिए, A सही विकल्प है।

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