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फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की ग्रे लिस्ट और ब्लैक लिस्ट क्या हैं?

The The Financial Action Task Force (FATF) एक स्वतंत्र अंतर-सरकारी निकाय है जो आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों के लिए ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम के दुरूपयोग को रोकने के लिए नीतियों को विकसित करता और बढ़ावा देता है. FATF; 2 प्रकार की सूचियाँ जारी करता हैं, एक है ब्लैक लिस्ट और दूसरी है ग्रे लिस्ट. जो देश आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग का समर्थन करते हैं, उन्हें ब्लैक लिस्ट में सूचीबद्ध किया जाता है. 
Oct 19, 2019 11:40 IST
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FATF MEANING
FATF MEANING

वित्तीय एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की स्थापना जुलाई 1989 में पेरिस में आयोजित एक शिखर सम्मेलन में सात (जी-7) देशों के समूह द्वारा की गई थी. एफएटीएफ का प्रारंभिक उद्येश्य मनी लॉन्ड्रिंग से निपटने के उपायों की जांच करना और इसके विस्तार को रोकना था.

अक्टूबर 2001 में, FATF ने अपने कार्य क्षेत्र में विस्तार करते हुए; टेरर फंडिंग और मानव तस्करी से निपटने के प्रयासों को शामिल किया था.

FATF के कार्य इस प्रकार हैं (Functions of FATF)
1. FATF एक स्वतंत्र अंतर-सरकारी निकाय है जो आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों के लिए ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम के इस्तेमाल को रोकने के लिए नीतियों को विकसित करता और बढ़ावा देता है.

2. अब FATF ने वर्चुअल करेंसी से सम्बंधित मुद्दों पर भी विचार करना शुरू कर दिया है.

3. एफएटीएफ एक अंतरराष्ट्रीय नीति-निर्माण निकाय है. हालाँकि कानून प्रवर्तन मामलों, जांच या अभियोजन में इसकी कोई भूमिका नहीं है.

FATF के सदस्य (Members of FATF)

वर्तमान में FATF 37 सदस्य क्षेत्र और 2 क्षेत्रीय संगठन शामिल हैं, जो दुनिया के सभी हिस्सों में सबसे प्रमुख वित्तीय केंद्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं.

FATF की ब्लैक लिस्ट और ग्रे लिस्ट क्या हैं?

FATF की 2 प्रकार की सूचियां हैं;
1. ब्लैक सूची

2. ग्रे सूची

1.ब्लैक लिस्ट (What is the Meaning of Black List): जो देश आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों का समर्थन  करते हैं उन्हें ब्लैक लिस्ट में सूचीबद्ध किया गया है. अर्थात इन देशों में मौजूद फाइनेंसियल सिस्टम की मदद से आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग को बढ़ावा मिलता है.

एफएटीएफ ब्लैकलिस्ट या ओईसीडी ब्लैकलिस्ट को वित्तीय कार्रवाई टास्क फोर्स द्वारा 2000 से जारी किया जा रहा है.

FATF; उन देशों को इस लिस्ट में जोड़ देता है जो कि टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अपने वित्तीय सिस्टम का उपयोग होने देते हैं. इसके साथ ही इसमें उन देशों के नाम हटा दिए जाते हैं जो कि टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग की गतिविधियों के वित्त पोषण को रोकते हैं. यह लिस्ट कुछ अन्तराल पर अपडेट होती रहती है.

2. ग्रे लिस्ट (What is the Meaning of Grey List): इस लिस्ट में उन देशों को शामिल किया जाता है जो कि अपने देश के फाइनेंसियल सिस्टम को टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उपयोग नहीं होने देते हैं.

यदि कोई देश आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर अंकुश लगाने में असमर्थ रहता है तो उसे FATF द्वारा ग्रे सूची से ब्लैक सूची में स्थानांतरित कर दिया जाता है.

grey list 2018

(नक्से में दिखाए गये ग्रे लिस्ट के देश)

जब कोई देश ग्रे लिस्ट में शामिल कर लिया जाता है तो उसे निम्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है;

1. अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों (विश्व बैंक, IMF, एशियाई विकास बैंक इत्यादि) और देशों के आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है.

2. अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों और देशों से ऋण प्राप्त करने में समस्या आती है.

3. इसके अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में कमी आती है और अर्थव्यवस्था कमजोर होती है.

4. पूर्णरूप से अंतर्राष्ट्रीय बहिष्कार का सामना करना पड़ सकता है.

वर्ष 2012 में पहली बार पाकिस्तान को ग्रे सूची में शामिल किया गया था और 2015 तक इसमें रहा था. 29 जून, 2018 को एफएटीएफ ग्रे में दूसरी बार पाकिस्तान को सूचीबद्ध किया. यह प्रक्रिया फरवरी 2018 में शुरू हुई जब एफएटीएफ ने अपने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग समीक्षा समूह (ICRG) के तहत निगरानी के लिए पाकिस्तान के नामांकन को मंजूरी दी, जिसे आमतौर पर 'ग्रे सूची' के रूप में जाना जाता है.

ग्रे लिस्ट में पाकिस्तान (Pakistan in Grey List)

वर्तमान में पाकिस्तान FATF की ग्रे सूची में है. बढ़ते दबाव के कारण; पाकिस्तान सभी 27 FATF लक्ष्यों का पालन करने का प्रयास कर रहा है लेकिन अक्टूबर 2019 तक; वह 27 में से सिर्फ 5 लक्ष्यों का पालन कर सका है.

अब FATF ने सभी 27 FATF लक्ष्यों का पालन करने के लिए पाकिस्तान को 4 महीने का समय (फरवरी 2020) दिया है अगर इस समय तक पाकिस्तान सभी 27 लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर पाता है तो उसे FATF द्वारा ग्रे लिस्ट से ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जायेगा.

इस प्रकार एक बार फिर पाकिस्तान को उसके परम मित्र चीन ने ब्लैक लिस्ट होने से बचा लिया है. हालाँकि इसमें पाकिस्तान को तुर्की ने खुले रूप से समर्थन दिया है जबकि अमेरिका ने पर्दे के पीछे से पाकिस्तान की मदद की है.

तो यह थी FATF की ब्लैक सूची और ग्रे सूची के बारे में जानकारी. मुझे उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में पाकिस्तान के नेता अपनी धरती से आतंकी गतिविधियों को बंद करेंगे ताकि भारत और पाकिस्तान मिलकर एशियाई महाद्वीप में शांति और समृद्धि सुनिश्चित कर सकें.

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