जानें भारत में सबसे पहला कचरा महोत्सव कहाँ मनाया गया

कचरा महोत्सव का उद्देश्य लोगों का कचरे को देखने के तरीके को बदलना तथा नागरिकों को कचरे के प्रबंधन, कचरा निपटान, पुन: उपयोग और रीसाइक्लिंग जैसी सुविधाओं के बारे में अवगत करना था.
Created On: Mar 13, 2018 18:21 IST
Modified On: Mar 14, 2018 11:52 IST
Do you know where did India's 1st ever Garbage Festival Organised
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क्या आप जानतें हैं कि भारत अकेले हर दिन लगभग 100 मिलियन टन कचरा पैदा करता है?

इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं हम जो कचरे उत्पन्न करते हैं या फिर सरकार.

भारत में स्वच्छता के सुधार के उद्देश्य से कई सरकारी मिशनों के होने के बावजूद भी हर तरफ गन्दगी का सा माहोल दिखाई पड़ता है

ऐसे में, एक भी सफल कदम स्वच्छ भारत की दिशा में मार्ग प्रशस्त करने के लिए पर्याप्त है।

रायपुर नगर निगम ने भारत का पहला "कूड़ा महोत्सव" आयोजित करने की एक अनोखी अवधारणा प्रराम्भ कि जिसको लोकप्रिय “कचरा महोत्सव” के नाम से जाना जाता है।

19 जनवरी, 2018 को रायपुर में आरएमसी द्वारा चार दिवसीय महोत्सव मनाया गया जिसमें विभिन्न कार्यशालाओं और प्रदर्शनों का भी आयोजन किया गया।

इस 3 दिन के महोत्सव का उद्देश्य लोगों का कचरे को देखने के तरीके को बदलना तथा नागरिकों को कचरे के प्रबंधन, कचरा निपटान, पुन: उपयोग और रीसाइक्लिंग जैसी सुविधाओं के बारे में अवगत करना था.लोगों को, खासकर स्कूल के बच्चों को प्रभावी

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अपशिष्ट प्रबंधन और कचरे के रचनात्मक उपयोग के तरीकों के बारे में शिक्षित करने के लिए कई कार्यशालाएं आयोजित की गईं।

इस महोत्सव में आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत कचरा और कचरे से बने विशाल मूर्तियों द्वारा किया गया। इसके अलावा, कई स्टालों को पर्यावरण के अनुकूल ब्रांडों द्वारा घर की सजावट वाली वस्तुओं का प्रदर्शन और अपशिष्ट पदार्थों से बने अन्य चीजों की स्थापना की गई।

उत्सव में कुछ रोमांचक संगीत प्रदर्शन भी हुए। लेकिन, एक सप्तहत के साथ! इस उत्सव में प्रदर्शन करने वाले सभी बैंड कचरे के सामानों का उपयोग कर संगीत बनाया।

इतना ही नहीं प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 फरवरी, 2018 को अपने मन कि बात कार्यक्रम में रायपुर के लोगों द्वारा किए गए अनूठे प्रयासों की भी सराहना की।हाल के दिनों में, आरएमसी को अपने महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 'टॉयलेट माई राइट' अभियान, सिटी हाइजीन अवार्ड्स और स्वच्छता ऐप जैसी नै पहल करने के लिए श्रेय भी दिया गया है।

हाल ही में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों में, नई दिल्ली नगर परिषद और वाराणसी के बाद, सबसे अधिक पूर्ण परियोजनाओं वाले स्मार्ट शहरों की सूची में रायपुर तीसरे स्थान पर है।

रायपुर प्रशासन और उसके नागरिकों द्वारा इस अनुकरणीय प्रयास को पूरे देश में राज्यों के द्वारा भी पालन करने की आवश्यकता है।

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