Search

भारत में स्थित ऐतिहासिक गिरिजाघरों की सूची

ऐसा माना जाता है कि भारत में ईसाई धर्म की शुरुआत थॉमस नामक धर्मदूत द्वारा किया गया था, जो लगभग 52 ईस्वी में केरल के मुजिरिस नामक स्थान पर आये थे. यूँ तो पूरे भारत में ईसाई धर्म को मानने वाले लोग पाए जाते हैं, लेकिन इनकी सर्वाधिक आबादी दक्षिण भारत, दक्षिण तट, कोंकण तट और पूर्वोत्तर भारत में मिलती है. ईसाई धर्म के अनुयायियों के पूजा स्थल को गिरिजाघर या चर्च कहा जाता है. इस लेख में भारत में स्थित ऐतिहासिक गिरिजाघरों की सूची दे रहे हैं.
Dec 19, 2017 15:01 IST
facebook Iconfacebook Iconfacebook Icon
Historical Cathedrals in India
Historical Cathedrals in India
p>2011 की जनगणना के अनुसार ईसाई धर्म भारत का तीसरा सबसे लोकप्रिय धर्म है, जिसके अनुयायियों की संख्या लगभग 2 करोड़ 80 लाख हैं, जो भारत की आबादी का लगभग 2.3% है. ऐसा माना जाता है कि भारत में ईसाई धर्म की शुरुआत थॉमस नामक धर्मदूत द्वारा किया गया था, जो लगभग 52 ईस्वी में केरल के मुजिरिस नामक स्थान पर आये थे. यूँ तो पूरे भारत में ईसाई धर्म को मानने वाले लोग पाए जाते हैं, लेकिन इनकी सर्वाधिक आबादी दक्षिण भारत, दक्षिण तट, कोंकण तट और पूर्वोत्तर भारत में मिलती है. भारत में जैनियों के बाद ईसाई दूसरे सबसे शिक्षित धार्मिक समूह हैं. ईसाई धर्म के अनुयायियों के पूजा स्थल को गिरिजाघर या चर्च कहा जाता है. इस लेख में भारत में स्थित ऐतिहासिक गिरिजाघरों की सूची दे रहे हैं.

भारत में स्थित ऐतिहासिक गिरिजाघरों की सूची

1. कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन (नई दिल्ली)

नई दिल्ली में स्थित यह चर्च वायसराय चर्च के नाम से भी जाना जाता है. कैथेड्रल चर्च ऑफ द रिडेम्पशन का निर्माण कार्य वर्ष 1927 में शुरू हुआ था और यह वर्ष 1935 में बनकर तैयार हो गया था. वर्ष 1936 में यह चर्च आम लोगों के लिए खोला गया था. इस चर्च को इस तरीके से बनाया गया है कि भीषण गर्मी के दिनों में भी यह ठंडा रहता है.

2. वेलंकनी चर्च (तमिलनाडु)

भारत के अति पवित्र एवं प्रसिद्ध चर्चों में से एक वेलंकनी चर्च तमिलनाडु के नागापट्टनम  क्षेत्र में स्थित है. ऐसी मान्यता है कि इस चर्च में मदर मैरी की प्रतिमा जाग्रत अवस्था में है.

3. चिरथल्ला कुट्टम सेंट मैरी फैरोना चर्च (केरल)

यह चर्च केरल राज्य के एलापुजा जिले में चिरथल्ला नामक स्थान पर स्थित है. यह चर्च प्रभु यीशु की मां मदर मैरी के सम्मान में बनाया गया है.
st mary church
Image source: Khabar NonStop

भारत की प्रमुख सांस्कृतिक संस्थाओं और संगठनों की सूची

4. सेंट फ्रांसिस आसिसी चर्च (गोवा)

सेंट फ्रांसिस आसिसी चर्च पुराने गोवा में स्थित सर्वाधिक विशाल और आकर्षक चर्चों में से एक है. इसका निर्माण 1661 ईस्वी में पुर्तगालियों द्वारा कराया गया था. इस चर्च के आंतरिक भाग में कलात्मक पांच घंटियां हैं, जिसमें से एक सोने की घंटी है.

5. सेंट कैथेड्रल चर्च (गोवा)

सेंट कैथेड्रल गोवा के ऐतिहासिक चर्चों में से एक है. वर्ष 1619 में निर्मित इस चर्च में सेंट फ्रांसिस के जीवन के प्रसंगों को विभिन्न चित्रों के माध्यम से जीवंत करने का प्रयास किया गया है. इसे पुर्तगालियों के शासनकाल में रोमन कैथोलिक समुदाय के लोगों द्वारा बनाया गया था. यह एशिया का सबसे बड़ा चर्च है. इस चर्च की लम्बाई 250 फीट और चौड़ाई 181 फीट है. इस चर्च का अगला हिस्सा 115 फीट ऊँचा है. इस चर्च को सभी धर्म के लोगों द्वारा धार्मिक स्थल माना जाता है.

6. बेसिलिका ऑफ बोम जीसस चर्च (गोवा)

गोवा में स्थित बेसिलिका ऑफ बोम जीसस चर्च को यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया है. बोम जीसस का अर्थ है शिशु जीसस या अच्छा जीसस. बेसिलिका चर्च में गोवा के संरक्षक संत सेंट फ्रांसिस जेवियर के पवित्र अवशेष रखे हुए हैं जिनकी मृत्यु 1552 ईस्वी में हुई थी.
basilica of bom jesus goa
Image source: Maps of India

7. सेंट जॉन चर्च (कोलकाता)

कोलकाता में स्थित सेंट जॉन चर्च 200 वर्ष पुराना है. यह चर्च 175 फीट ऊँचा है तथा इसे ग्रीक शैली में बनाया गया है. इस चर्च में कोलकाता शहर के संस्थापक जॉब चारनाक की समाधि है.
स्वर्ण मंदिर के बारे में 7 रोचक तथ्य

8. माउंट मैरी चर्च (मुंबई)

मुंबई में स्थित माउंट मैरी चर्च वर्जिन मैरी (प्रभु यीशु की मां) को समर्पित है. इस चर्च को 1640 में बनाया गया था, लेकिन बाद में इसे ध्वस्त कर दिया गया था. पुनः 1761 ईस्वी में इसे दोबारा बनाया गया था. माउंट मैरी चर्च में सितम्बर महीने में सप्ताह भर तक चलने वाला मेला लगता है जिसमें हर धर्म के लोग शामिल होते हैं.
mount mary church
Image source: MouthShut.com

9. क्राइस्ट चर्च (शिमला)

शिमला में स्थित क्राइस्ट चर्च उत्तर भारत में स्थित दूसरा सबसे पुराना चर्च है. 1857 ईस्वी में ब्रिटिश समुदाय की सेवा करने के लिए नव गोथिक शैली में इस चर्च का निर्माण किया गया था. इस चर्च में किताबों और प्राचीन शास्त्रों का संग्रह है.

10. सेंट फ्रांसिस चर्च (केरल)

केरल के कोचीन में स्थित सेंट फ्रांसिस चर्च को 1508 ईस्वी में बनाया गया था. यह चर्च भारत में बनाया गया यूरोपीय शैली का पहला चर्च है. इस चर्च में कुछ समय के लिए वास्कोडिगामा को दफनाया गया था, बाद में उसके पार्थिव अवशेष को पुर्तगाल ले जाया गया. इस चर्च को 1516 ईस्वी में फ्रांसिसको द अल्मीडा द्वारा दोबारा बनवाया गया था. अप्रैल 1923 में इस चर्च को “संरक्षित स्मारक अधिनियम 1904” के अंतर्गत संरक्षित स्मारक घोषित किया गया था, वर्तमान में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग इस चर्च की देखरेख करता है.
St Francis Church Kochi
Image source: Tour My India

11. कानपुर मेमोरियल चर्च (कानपुर)

कानपुर में स्थित कानपुर मेमोरियल चर्च का निर्माण 1875 में किया गया था. इस चर्च को उन ब्रिटिश सैनिकों के सम्मान में बनाया गया था, जिन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपनी जान गंवाई थी. इस चर्च का डिजायन पूर्वी बंगाल रेलवे के वास्तुकार वाल्टर ग्रैनविले ने तैयार किया था.

12. सेंट जोसेफ कैथोलिक चर्च (जम्मू-कश्मीर)

सेंट जोसेफ कैथोलिक चर्च जम्मू-कश्मीर के बारामुला में स्थित है. इसकी स्थापना 1891 में की गई थी. यह जम्मू-कश्मीर की सबसे पुरानी कैथोलिक चर्च है. इस चर्च को “मिल हिल मिशनरी” द्वारा शुरू की गई थी. बाद में सोसाइटी ऑफ जीसस द्वारा इस चर्च की देखभाल की जाने लगी.
दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर के बारे में 10 आश्चर्यजनक तथ्य