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असली और नकली नोटों में अंतर कैसे पहचानें

17-JUL-2018 14:53
How to Know real and Fake Notes

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में सबसे बड़ा मौद्रिक प्राधिकरण है. आरबीआई एक रुपये के नोट को छोड़कर, 2 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक के नोट जारी करता है. एक रुपये के नोट को वित्त मंत्रलाय द्वारा जारी किया जाता है.

आरबीआई द्वारा 3 मार्च 2018 को जारी किये गए आंकड़ों में कहा गया है कि देश में नोट्बंदी से पहले मुद्रा की आपूर्ती 17.01 लाख करोड़ रुपये थी जबकि वर्तमान में देश में 17.06 लाख करोड़ रुपये के नोट चलन में हैं. अब इतनी बड़ी मात्रा में मुद्रा की आपूर्ती के बीच नकली मुद्रा की आपूर्ती से भी इंकार नहीं किया जा सकता है.

RBI के अनुमान के अनुसार वित्त वर्ष 2017 में देश की मुद्रा आपूर्ति में नकली नोटों की संख्या पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 20% बढ़ गयी है और अब इनकी कुल संख्या 7.62 लाख तक पहुँच गयी है. नकली नोटों में सबसे अधिक संख्या 500 और 2000 रुपये के नोटों की है.

सामान्य लोगों को नकली नोटों की ठगी से बचाने के लिए हमने इस लेख में नोटों के उन फीचर्स के बारे में बताया है जिनको देखकर नकली नोटों को पहचाना जा सकता है.
असली नोटों के कुछ फीचर्स इस प्रकार हैं;

भारतीय नोटों पर गाँधी जी की तस्वीर कब से छपनी शुरू हुई थी?
1.सुरक्षा धागा (Security Thread)
यह सुरक्षा धागा 5 रुपये के नोट से लेकर 2000 रुपये के नोट में भी होता है. नोट में यह महात्मा गाँधी के चित्र के बाईं ओर होता है. धागा एक सीधी लाइन के रूप में होता है. यदि आप नोट को लाइट के सामने लाते हैं तो इस धागे पर नोट की वैल्यू, भारत और RBI चमकने लगता है. यहाँ यह भी ध्यान रखें कि यदि नोट नकली है तो इस धागे को रगड़ने पर इसका रंग निकलने/छूटने लगता है.
2. वॉटरमार्क (Watermark)
किसी भी नोट पर वाटर मार्क जरूर देखें. सभी असली नोटों के वॉटरमार्क वाली जगह में महात्मा गांधी की फोटो बनी होती है. जब नोट को आप थोड़ा तिरछा करेंगे तो वाटरमार्क में आपको गाँधी जी कि फोटो दिखाई देगी.  

3. छोटी छोटी लिखावट (Micro-Lettering)
2000 के नोट में पीली रेखा के अन्दर के भाग में बहुत छोटे छोटे अक्षरों में 2000 और RBI लिखा होता है. 5 और 10 रुपये के नोटों में इस जगह पर ‘RBI’ लिखा होता है जबकि 20 रुपये से अधिक की वैल्यू वाले नोटों में ‘RBI’ के साथ-साथ नोट की वैल्यू भी लिखी होती है. इस लिखावट को मैग्निफाई ग्लास की मदद से अच्छी तरह देखा जा सकता है.

Micro Lettering 2000
4. गुप्त इमेज (Latent Image)
नीचे दिए नोट में लाल और पीले घेरे के अन्दर एक लेटेन्ट इमेज है जिसमें नोट की वैल्यू 2000 लिखी हुई है. इसे तभी देखा जा सकता है जब आप नोट को आँखों के सामने 45 डिग्री के कोण पर झुकाते हैं.

Latent 20Image 2000-note
5. पहचान चिन्ह (Identification Mark)
यह खास तरह का मार्क होता है जो वाटर मार्क के बाईं ओर होता है। सभी नोटों में यह अलग आकार का होता है। 20 रुपए में ये वर्टिकल रेक्टेंगल, 50 रुपए में चोकोर, 100 रुपए में ट्रेंगल, 500 रुपए में 5 हॉरिजॉन्टल लाइन्स और 2000 के नोट में 7 हॉरिजॉन्टल लाइन्स के रूप में होता है.

Identification Mark 2000 note
इसकी विशेषता यह होती है कि यह ऊपर की ओर उभरा हुआ होता है जिसकी मदद से ही अंधे लोग नोटों को पहचान लेते है कि नोट 20 रुपये का है या 500 रूपए का. अगर यकीन ना आये तो किसी अंधे व्यक्ति को नोट देकर पूछना.
6.  उत्कीर्ण मुद्रण (Intaglio Printing)
यह फीचर, अंधे लोगों की सुविधा के लिए जोड़ा गया है. नोट पर विशेष प्रकार की प्रिटिंग इंक उपयोग की जाती है. इस इंक की वजह से महात्मा गांधी की फोटो, आरबीआई की सील और गवर्नर की शपथ, आरबीआई गवर्नर के साइन उभरे हुए होते हैं. इन उभरे हुए अंको को हाथों से टटोलकर ही अंधे व्यक्ति नोट का पता चला लेते हैं.

intaglio printing 2000 note
भारतीय नोटों में 20 रुपये, 50 रुपये, 100 रुपये, 500 रुपये और 2000 रुपये के नोटों में इस प्रिंटिंग शैली का उपयोग किया है.

7. रंग बदलने वाली स्याही (Optically Variable Ink or Colour-Changing Ink)
इस विशेष इंक का इस्तेमाल 2000 और 500 रुपये के नोट में किया गया है. इस इंक की मदद से नोट की वैल्यू लिखी जाती है. इस इंक की खासियत यह है कि जब नोट फ्लैट होता है तो ये अंक हरे रंग के दिखाई देते हैं और जब इसके एंगल को बदलने पर इनका रंग बदल जाता है.

Optically Variable Ink
8.  सी थ्रू रजिस्ट्रेशन (See through Register)
इस फीचर के माध्यम से जब नोट को लाइट के सामने लाया जाता है तो 500 या 2000 की वैल्यू चमकने लगती है. यह नोट के दोनों साइड दिखाई देता है. एक साइड यह रिक्त होता है और दूसरी साइड यह भरा हुआ दिखाई देता है.

See through Register 2000 note
9.  प्रतिदीप्ति (Fluorescence)
नोट पर नीचे की ओर विशेष नंबर होते हैं जो कि नोट की सीरीज को बताते हें. इन्हें फोरेसेंस इंक से प्रिंट किया जाता है. जब नोट को अल्ट्रा वॉइलेट लाइट में ले जाया जाता है तो ये नंबर उभर कर दिखाई देने लगते हैं.

Fluorescence 2000 note
दो हजार रुपये के नकली नोट को इस तरह पहचानें;

1. नकली नोट में सुरक्षा धागा (सिक्यूरिटी थ्रेड) मोटा और खुरदरा होता है.

2. नकली नोट में रुपए का निशान असली के मुकाबले अधिक मोटा होता है.

3. 2000 रुपए का नकली नोट उच्च गुणवत्ता वाले लेजर प्रिंटर से छापा जाता है, इसलिए असली नोट का रंग चमकदार होता है.

4. असली नोट में बना ब्रेल मार्क (लकीरें) छूने से महसूस किया जा सकता है, जबकि नकली नोट में इनका उभार महसूस नहीं होता.

5. नोट में बने भूरे रंग के बॉक्स को तिरछा कर देखने पर उसमें 2000 की आकृति नजर आती है, जबकि नकली नोट में यह आकृति नहीं दिखती है.  

6. असली नोट में हरे रंग में लिखे 2000 के चिह्न में चमकदार लहरें सी नजर आती हैं, जिन्हें गिना जा सकता है और नोट को तिरछा कर देखने में नीले रंग में बदल जाता है.

तो इस प्रकार आपने पढ़ा कि रिज़र्व बैंक ने नोटों की नक़ल को रोकने के लिए कितने प्रकार के सुरक्षा उपाय किये हैं. अब आपसे यह उम्मीद करते हैं कि ऊपर दिए गए सुरक्षा चिन्हों को देखने के बाद आप असली और नकली नोट के बीच अंतर जान गए होंगे.

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