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सौर चक्र 25 (Solar Cycle 25) क्या है, यह कैसा दिखेगा और हमारे जीवन को कैसे प्रभावित करेगा?

नासा और नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) के वैज्ञानिकों ने सौर चक्र 25 (Solar Cycle 25) के बारे में अपनी भविष्यवाणी की घोषणा की जो एक नया सौर चक्र है और उनका मानना है कि सौर चक्र 25 शुरू हो गया है. आइए इस लेख के माध्यम से सौर चक्र 25 के बारे में अध्ययन करते हैं.
Sep 24, 2020 14:53 IST
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Solar Cycle 25
Solar Cycle 25

वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के अनुसार, सूर्य के सौर न्यूनतम (solar minimum) पर पहुंचने के बाद सौर चक्र 25 (Solar Cycle 25) शुरू हो गया है. ऐसा माना जाता है कि यह पृथ्वी पर धूमिल और ठंडे मौसम का कारण बन सकता है. इसलिए, सौर चक्रों का पृथ्वी पर जीवन, प्रौद्योगिकी पर और अंतरिक्ष यात्रियों के लिए अंतरिक्ष पर प्रभाव पड़ सकता है.

सौर चक्र 25 (Solar Cycle 25) क्या है?

सौर चक्र 25 का अर्थ है कि यह सूर्य का 25वां चक्र है. सूर्य की सतह एक बहुत ही सक्रिय स्थान है, इसकी सतह पर विद्युत चार्ज गैसों के होते हैं जो शक्तिशाली चुंबकीय बलों के क्षेत्र उत्पन्न करते हैं और इन बलों को चुंबकीय क्षेत्र के रूप में जाना जाता है.

सूर्य की सतह पर, गैसें लगातार चलती हैं और चुंबकीय क्षेत्र खिंच सकते हैं, मुड़ या उलझ सकते हैं जो सूर्य की सतह पर गति उत्पन्न करते हैं जिसे सौर गतिविधि के रूप में जाना जाता है. यह सौर चक्र के चरणों के साथ भिन्न होता है और औसतन 11 वर्षों तक रहता है. इसलिए हम कह सकते हैं कि सूर्य का नया सौर चक्र हर 11 साल में शुरू होता है.

अब सवाल यह उठता है कि वैज्ञानिक सौर गतिविधि को कैसे ट्रैक करते हैं?

सनस्पॉट का उपयोग करके, वैज्ञानिक सौर गतिविधि को ट्रैक करते हैं. सनस्पॉट सूर्य पर काले धब्बे हैं जो सौर गतिविधि से जुड़े हैं. वे सौर विस्फोटों जैसे विशाल विस्फोटों की उत्पत्ति से संबंधित हैं जो अंतरिक्ष में प्रकाश, ऊर्जा और सौर सामग्री का उत्सर्जन कर सकते हैं.

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सनस्पॉट (Sunspot) क्या हैं?

वे सूर्य के प्रकाश क्षेत्र पर होने वाली अस्थायी घटनाएं हैं जो आसपास के क्षेत्रों की तुलना में धब्बे के रूप में दिखाई देती हैं. सूर्य की सतह पर, वे अपेक्षाकृत ठंडे स्थान हैं.

सनस्पॉट कम सतह के तापमान के क्षेत्र हैं जो चुंबकीय क्षेत्र प्रवाह की एकाग्रता के कारण होता है जो संवहन को रोकता है. वे ज्यादातर एक लीडर और एक फ़ॉलोअर  के साथ विपरीत चुंबकीय ध्रुवीयता के जोड़े में दिखाई देते हैं.

कुछ सनस्पॉट व्यास में 50,000 किमी तक बड़े होते हैं और उन्हें सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र के दृश्य मार्कर के रूप में माना जाता है जो एक ब्लैंकेट बनाता है जो सौर प्रणाली को हानिकारक ब्रह्मांडीय किरणों से बचाता है.

जब सनस्पॉट 50,000 किमी व्यास तक पहुँच जाता है तो यह भारी मात्रा में ऊर्जा जारी कर सकता है जो कि सौर फ्लेयर्स का कारण बनती है.

सौर चक्र (Solar Cycle) की विशेषताएं

- सूर्य की सतह पर होने वाली गतिविधि सूर्य चक्र जैसे सौर चक्र से प्रभावित होती है जो सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र के कारण होता है. जैसे ही चुंबकीय क्षेत्र बदलता है, सूर्य की सतह पर गतिविधि की मात्रा भी बदल जाती है.

- सनस्पॉट्स की संख्या गिनकर, सौर चक्र को ट्रैक किया जा सकता है.

- सौर चक्र की शुरुआत सौर न्यूनतम (solar minimum) होती है या हम कह सकते हैं कि जब सूर्य में सबसे कम सनस्पॉट होते हैं. समय के साथ, सूर्य की गतिविधि और सनस्पॉट की संख्या बढ़ जाती है.

- जबकि सौर चक्र के मध्य को सौर अधिकतम (solar maximum) के रूप में जाना जाता है या जब सूर्य के पास सबसे अधिक सनस्पॉट होते हैं. जैसे ही चक्र समाप्त होता है, सौर अधिकतम सौर न्यूनतम पर वापस आ जाता है और एक नया चक्र शुरू हो जाता है.

- सूर्य पर भारी विस्फोट जैसे सौर फ्लेयर्स (solar flares) और कोरोनल मास इजेक्शन (coronal mass ejections) भी सौर चक्र को बढ़ाते हैं. इन विस्फोटों के कारण, ऊर्जा का एक शक्तिशाली विस्फोट होता है, और सामग्री अंतरिक्ष में जाती है.

वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी

जैसा कि ऊपर चर्चा की गई है, वैज्ञानिकों ने घोषणा की कि सौर चक्र 25 के लिए सौर न्यूनतम दिसंबर 2019 में हुआ. सूर्य की परिवर्तनशीलता के कारण, उन्होंने इसकी घोषणा करने के लिए समय लिया.

वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के अनुसार, सौर अधिकतम (solar maximum) जो कि सौर चक्र के मध्य है, जुलाई 2025 तक पहुंच जाएगा.

सौर चक्र या सौर चक्र के प्रभाव पर नज़र रखने के पीछे क्या कारण है?

सौर गतिविधि को वैज्ञानिकों द्वारा ट्रैक किया जाता है क्योंकि इसका पृथ्वी पर प्रभाव हो सकता है. इसे हम एक उदाहरण की मदद से समझ सकते हैं.

कोरोनल मास इजेक्शन (coronal mass ejections (CMEs)) से, जब चार्ज किए गए कण पृथ्वी के पास के क्षेत्रों में पहुंचते हैं, तो वे आसमान में तीव्र बिजली को ट्रिगर कर सकते हैं, जिसे ऑरोरा (auroras) के रूप में जाना जाता है.

जब कोरोनल मास इजेक्शन विशेष रूप से मजबूत होते हैं तो वे पावर ग्रिड में भी हस्तक्षेप कर सकते हैं. इससे बिजली की कमी हो सकती है. इसके अलावा, रेडियो संचार को प्रभावित कर सकते हैं. नासा के अनुसार, सौर फ्लेयर्स और CMEs हमारे सौर मंडल में सबसे शक्तिशाली विस्फोट हैं.

सौर गतिविधि उपग्रह इलेक्ट्रॉनिक्स को भी प्रभावित कर सकती है और उनके जीवनकाल को सीमित कर सकती है.

वास्तव में, ये विकिरण अंतरिक्ष यात्रियों के लिए भी खतरनाक हो सकते हैं जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के बाहर काम करते हैं.

सौर चक्र पूर्वानुमान वैज्ञानिकों को पृथ्वी, पावर ग्रिड पर रेडियो संचार की रक्षा करने में मदद कर सकता है, उपग्रहों और अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है. सनस्पॉट का पृथ्वी पर जलवायु से संबंध या प्रासंगिकता भी हो सकती है. इसमें कोई संदेह नहीं है, सौर गतिविधि अंतरिक्ष के मौसम को प्रभावित करती है जो अंतरिक्ष-आधारित उपग्रहों, जीपीएस, पावर ग्रिड, इत्यादि पर प्रभाव डाल सकती है.

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