Teachers Day 2020: इतिहास, महत्व और अन्य तथ्य

Teachers Day 2020: भारत में हर साल 1962 से 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है. यह दिवस डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन पर मनाया जाता है. आइए भारत में शिक्षक दिवस के इतिहास, महत्व और उत्सव के बारे में विस्तार से अध्ययन करते हैं.
Sep 3, 2020 18:46 IST
Teacher's Day 2019
Teacher's Day 2019

Teachers Day 2020: भारत में,डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन - भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति और एक शिक्षाविद् के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है. 

डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक महान दार्शनिक व शिक्षक थे और उन्होने शिक्षा के क्षैत्र मे अभूतपूर्व योगदान दिया था. उनका विश्वास था कि शिक्षको को देश मे सर्वाधिक प्रतिभशाली होना चाहिये.

शिक्षक हमारे भविष्य का आधार होतें हैं और ज़िम्मेदार नागरिक व अच्छे इंसान पैदा करना शिक्षको का दायित्व है। इस दिन हम शिक्षकों के कठिन परिश्रम द्वारा हमारे विकास मे दिये गये उनके योगदान के लिए उनका अभिवादन करते हैं.

इस दिन का छात्र बड़ी अपेक्षाए लेकर आते हैं,साथ ही सच्चे जज़्बे से भी. शिक्षक दिवस पर, एक शिक्षक की तरह काम करके छात्र शिक्षको के उत्तरदायित्वो से परिचित होते हैं जोकि उनके शिक्षक बहुत अच्छी तरह से निभाते हैं.

इस दिन छात्र अपने प्रिय शिक्षकों के लिए तोहफें लाते हैं। यह दिन शिक्षकों के लिए भी बहुत खास होता है क्योकि इसी दिन शिक्षकों को पता लगता है कि उनके शिष्य उन्हे कितना पसंद करते हैं.

शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है?

भारत में शिक्षक दिवस 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है. वह एक प्रसिद्ध विद्वान, भारत रत्न पाने वाले, प्रथम उपराष्ट्रपति और स्वतंत्र भारत के दूसरे राष्ट्रपति थे. उनका जन्म 5 सितंबर, 1888 को हुआ था। एक शिक्षाविद् के रूप में, वे एक अधिवेशन के अधिवक्ता, शिक्षाविद और महान शिक्षक थे.

जैसा कि आम कहावत है, किसी देश का भविष्य उसके बच्चों के हाथों में होता है, और शिक्षक, गुरु के रूप में, छात्रों को भविष्य के नेताओं में ढाल सकते हैं जो भारत के भाग्य को आकार देते हैं. करियर और व्यवसाय में सफल होने के लिए वे हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. वे हमें एक अच्छा इंसान, समाज का एक बेहतर सदस्य और देश का एक आदर्श नागरिक बनने में मदद करते हैं. शिक्षक दिवस चुनौतियों, कठिनाइयों और शिक्षकों द्वारा हमारे जीवन में निभाई जाने वाली विशेष भूमिका को स्वीकार करने के लिए मनाया जाता है.

1962 में डॉ. राधाकृष्णन भारत के राष्ट्रपति बने. उनके कुछ मित्रों और छात्रों ने उनसे संपर्क किया और  उनसे 5 सितंबर को अपना जन्मदिन मनाने की अनुमति देने का अनुरोध किया. डॉ. एस. राधाकृष्णन ने जवाब दिया, "मेरे जन्मदिन को विवेकपूर्ण ढंग से देखने के बजाय, अगर 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो यह मेरे लिए बहुत ही सौभाग्य की बात होगी." भारत के राष्ट्रपति से आने वाले इस तरह के अनुरोध ने शिक्षकों के लिए डॉ. एस. राधाकृष्णन के स्नेह और समर्पण को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया. तब से, भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है.

शिक्षक दिवस कैसे मनाया जाता है?

शिक्षक दिवस पर, छात्र स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षकों के मनोरंजन के लिए विभिन्न गतिविधियाँ करते हैं. इन गतिविधियों में गायन प्रतियोगिता, नृत्य प्रतियोगिता, कविताओं का सस्वर पाठ, शिक्षकों की नकल, बच्चों के बहुत सारे खेल, शिक्षकों के साथ खेलना, पिकनिक की योजना बनाना, उपहार देना और अंत में, वे अपना आभार व्यक्त करके शिक्षकों का धन्यवाद करते हैं.

शिक्षक दिवस शिक्षकों और छात्रों के बीच संबंधों को मनाने और एक साथ समय व्यतीत करने का एक महान अवसर है. इसलिए, इस दिन शिक्षक अपने शिक्षकों से मिलने की कोशिश करते हैं. यदि वे दूर हैं तो उन्हें संदेश भेज कर विश करते हैं और उनके दिन को यादगार बनाते हैं और साथ ही उनका धन्यवाद देते हैं.

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भारत मे शिक्षक दिवस – डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

शिक्षक दिवस 2020 पर आधारित सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी

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