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विश्वकर्मा अकाउंट प्राइवेट नौकरी करने वालों की कैसे मदद करेगा?

Sep 17, 2018 10:24 IST
Vishwakarma-account

राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) द्वारा 2011-12 के दौरान किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, देश में संगठित और असंगठित क्षेत्र दोनों में कुल रोजगार 47 करोड़ का था. इनमें से लगभग 8 करोड़ लोग संगठित क्षेत्र में थे और 39 करोड़ (कुल कार्य बल का 83% है) असंगठित क्षेत्र में कार्यरत थे. इस प्रकार डेटा से स्पष्ट है कि देश के असंगठित क्षेत्र में 83% लोग काम करते हैं. असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी प्रकार की सिक्यूरिटी उपलब्ध नहीं है.

जैसा कि सभी को पता है कि प्राइवेट नौकरी में जॉब इनसेक्यूरिटी बहुत होती है. ऐसे माहौल में सरकार ने इस क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए एक ऐसी स्कीम शुरू करने की प्लानिंग शुरू की है जिससे कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए कठिन समय में भी कुछ आय मिलनी शुरू हो जाये.

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समाज के विभिन्न वर्गों के लिए प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गयी कल्याणकारी योजनायें

इसलिए सरकार ने असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए कई तरह की स्कीम शुरू की हैं. इसी क्रम में सरकार द्वारा शुरू की गयी स्कीम का नाम है विश्वकर्मा अकाउंट.

आइये इस लेख में जानते हैं कि विश्वकर्मा अकाउंट क्या होता है और इससे किस तरह की सुरक्षा लोगों को मिलने वाली है.

विश्वकर्मा अकाउंट एक ऐसा अकाउंट होगा जो कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए मददगार होगा. इस अकाउंट की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यदि प्राइवेट नौकरी करने वाले किसी व्यक्ति की नौकरी चली जाती है तो उस व्यक्ति के खर्चे (जैसे बच्चे की फीस, मकान का किराया इत्यादि) कुछ समय के लिए विश्वकर्मा अकाउंट से पूरे किये जायेंगे. इसका बड़ा फायदा यह होगा कि मदद मिलने के समय में लोग अपने लिए कोई दूसरी जॉब खोज सकेंगे.

हालाँकि लोगों को मिलने वाली यह मदद उनकी सैलरी के आधार पर तय होगी. जिसकी सैलरी ज्यादा होगी उनको ज्यादा मदद मिलेगी.

विश्वकर्मा अकाउंट स्‍कीम के तहत केंद्र सरकार 50 करोड़ कर्मचारियों का 'विश्‍वकर्मा अकाउंट' खुलवाएगी. इस स्‍कीम में हर वो भारतीय होगा जो कि या तो प्राइवेट नौकरी कर रहा है या अपना  कोई बिज़नस कर रहा है.

वर्तमान NDA सरकार ने 50 करोड़ कर्मचारियों को प्रॉविडेंट फंड, पेंशन सहित तमाम सोशल सिक्‍योरिटी बेनेफिट मुहैया कराने के लिए यूनिवर्सल सोशल सिक्‍योरिटी स्‍कीम तैयार की है. अर्थात आने वाले समय में सरकार सभी वर्कर के लिए PF और पेंशन की सुविधा सुनिश्चित करेगी.

केंद्र की मोदी सरकार इस स्‍क्‍ीम का ड्राफ्ट तैयार कर चुकी है और इस स्‍कीम पर सभी सम्बंधित पक्षों के विचार जानने के लिए विचार विमर्श की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

विश्‍वकर्मा अकाउंट कौन खुलवा सकता है?

विश्‍वकर्मा अकाउंट स्‍कीम के तहत अगर कोई कर्मचारी किसी कंपनी में काम करता है तो उस कंपनी की जिम्‍मेदारी होगी कि वह उस कर्मचारी का विश्‍वकर्मा अकाउंट खुलवाए.

इस स्कीम में यह सुविधा भी होगी कि यदि कंपनी या संस्‍थान कर्मचारी का खाता निश्चित समय में नहीं खुलवाते है तो कर्मचारी खुद से अपना अकाउंट खुलवा सकेगा. इसके अलावा अगर कोई अपना खुद का काम करता है तो वह भी अपना अकाउंट खुलवा सकेगा.

इस खाते की अच्छी बात यह होगी कि यह खाता हस्तांतरणीय (Transferable) होगा. अर्थात यदि कोई व्यक्ति बैंगलोर में जॉब करते हुए विश्‍वकर्मा अकाउंट खुलवाता है और बाद में उसका ट्रान्सफर दिल्ली हो जाता है तो भी उसका पुराना वाला ही विश्‍वकर्मा अकाउंट काम आएगा.

आय के आधार पर कर्मचारियों की कैटेगरी

विश्‍वकर्मा अकाउंट में खाते पर मिलने वाली सुविधाएँ अलग अलग होगी. जैसे यदि किसी व्यक्ति की आय कम है और वह अपनी सैलरी से विश्‍वकर्मा अकाउंट में रुपया जमा नहीं कर सकता है तो घबराने की कोई जरूरत नहीं है ऐसे लोगों का हिस्सा सरकार द्वारा भरा जायेगा. लेकिन जिन लोगों की सैलरी ज्यादा है उनको इस खाते में जरुरत के हिसाब रुपया खुद जमा करना होगा. इसके लिए आय सीमा का निर्धारण पूरा ड्राफ्ट तैयार हो जाने के बाद किया जायेगा.

जिन लोगों को खुद से विभिन्न सुरक्षा योजनाओं में रुपया जमा करना होगा उनको अपनी सैलरी या मजदूरी का 12.5% से लेकर 20% तक का हिस्सा जमा करना होगा.

विश्‍वकर्मा अकाउंट में कौन कौन सी स्कीम कवर होंगी?

सीधे शब्दों में कहा जाये तो विश्‍वकर्मा अकाउंट एक अम्ब्रेला होगा जिसके अंतर्गत 50 करोड़ कर्मचारीयों को निम्न स्कीम में निवेश करना होगा;

1. प्रोविडेंट फण्ड

2. पेंशन

3. मैटरनिटी बेनेफिट

4. सिकनेस बेनेफिट

5. मेडिकल मेनेफिट

6. इन्‍श्‍योरेंस कवर

7. अनइम्‍पलॉयमेंट बेनेफिट

8. डिपेंडेंट बेनेफिट

9. इनवैले‍डिटी बेनेफिट

10. इंटरनेशनल वर्कर्स पेंशन बेनेफिट

सारांश के तौर पर यह कहा जा सकता है कि सरकार का मुख्य लक्ष्य देश के उन 85% लोगों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा देना है जो कि असंगठित क्षेत्र में काम करके अपनी आजीविका चला रहे हैं.

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