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The Essential Commodities Act,1955:ऐसा कानून जो दुकानदारों को कालाबाजारी करने से रोकता है

आवश्यक वस्तु अधिनियम, (The Essential Commodities Act,1955) एक ऐसा कानून है जो कि दुकानदारों को जरूरी वस्तुओं के अधिक भण्डारण और कालाबाजारी करने से रोकता है. अभी इस अधिनियम के तहत नोटिफिकेशन जारी करते हुए केंद्र सरकार ने हैंड सैनिटाइजर और मास्क को आवश्यक वस्तु घोषित किया गया है. इससे इनकी कालाबाजारी और खुदरा मूल्य से अधिक दाम लेने पर रोक लगेगी.
Mar 30, 2020 09:52 IST
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The Essential Commodities Act,1955
The Essential Commodities Act,1955

पूरे विश्व में कोविड-19 के वायरस से लड़ने के लिए हर देश और व्यक्ति जरूरी उपाय कर रहे हैं. इस वायरस से लड़ने में मास्क और हैंड सैनिटाइजर को जरूरी वस्तु माना गया है. लेकिन पूरे देश से ऐसी खबरें आ रहीं थीं कि हैंड सैनिटाइजर और मास्क या तो दुकानदार के पास उपलब्ध नहीं हैं या फिर दुकानदार इन चीजों को खुदरा मूल्य से बहुत ऊंचीं कीमतों पर बेच रहे हैं.

इसलिए इस दिशा में कड़े कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने मास्क (2 प्लाई एवं 3 प्लाई सर्जिकल मास्क, N95 मास्क) और हैंड सैनिटाइजर को 30 जून, 2020 तक आवश्यक वस्तु घोषित कर दिया है.

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ऐसे में अब लोगों के दिमाग में बात आती है कि आखिर यह Essential Commodities Act,1955 क्या है, और इसमें किन किन वस्तुओं को आवश्यक वस्तु घोषित किया गया है, कौन कौन से काम इस एक्ट के तहत अपराध की श्रेणी में आते हैं?

आइये इन सभी प्रश्नों के उत्तर इस लेख में जानते हैं.

आवश्यक वस्‍तु अधिनियम, 1955 क्या है? (What is the Essential Commodities Act,1955)

आवश्यक वस्तु अधिनियम, (The Essential Commodities Act1955) एक ऐसा कानून है जो कि दुकानदारों को जरूरी वस्तुओं के भण्डारण और कालाबाजारी करने से रोकता है. 

यदि केंद्र सरकार को पता चलता है कि एक निश्चित कमोडिटी की आपूर्ति कम है और इसकी कीमत में बढ़ोतरी हो रही है, तो वह एक निश्चित अवधि के लिए इस वस्तु की स्टॉक-होल्डिंग सीमा को फिक्स कर सकती है. जो भी बिक्रेता इस वस्तु को बेचता है, चाहे वह थोक व्यापारी हो, खुदरा विक्रेता या फिर आयातक हो, सभी को एक निश्चित मात्रा से ज्यादा स्टॉक करने से रोका जाता है ताकि कालाबाजारी ना हो और दाम ऊपर ना चढ़ें.

जैसा कि प्याज के मामले में कुछ समय पहले सरकार ने भण्डारण की अधिकतम सीमा तय की थी. यदि पुलिस को शक या शिकायत मिलती है तो वह भण्डारण करने वालों पर छापे डालती है.

अभी इस अधिनियम के तहत नोटिफिकेशन जारी करते हुए केंद्र सरकार ने हैंड सैनिटाइजर और मास्क को आवश्यक वस्तु घोषित किया गया है. इससे इनकी कालाबाजारी और खुदरा मूल्य से अधिक दाम लेने पर रोक लगेगी.

आवश्यक वस्‍तु अधिनियम, 1955 के उद्येश्य (Aims And Objectives of Essential Commodities Act, 1955)

इसके मुख्य उद्येश्य इस प्रकार हैं;

1. देश में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति बनाये रखना 

2. आवश्यक वस्तुओं के मूल्य को स्थिर रखना. केंद्र सरकार वस्तुओं के लिए अधिकतम खुदरा मूल्य भी तय कर देती है. जैसे कि मास्क के मामले में किया गया है,2 प्लाई मास्क का अधिकतम खुदरा मूल्य 16 रुपये तय किया गया है.

3. आवश्यक वस्तुओं का अनावश्यक भंडारण रोकना 

4. आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी रोकना 

आवश्यक वस्‍तु अधिनियम, 1955 में कौन कौन सी वस्तुएं शामिल हैं. (What are Essential Commodities in India)

अनिवार्य घोषित की गई वस्‍तुओं की सूची में आर्थिक परिस्थितियों में, मौसम परिवर्तनों, प्राकृतिक आपदा, आदि के समय के अनुसार परिवर्तन किया जा सकता है.राज्य इसमें अपनी जरूरत के हिसाब से परिवर्तन कर सकते हैं. 15 फरवरी, 2002 से सरकार ने पहले घोषित अनिवार्य वस्‍तुओं की सूची से 12 वस्‍तुओं को पूरी तरह और एक को आंशिक रूप से हटा दिया था. अनिवार्य वस्‍तुओं की सूची में कुछ नाम इस प्रकार हैं;

1. पेट्रोलियम और उसके उत्पाद, जिनमें पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, नेफ्था, सॉल्वैंट्स आदि शामिल हैं.

2.खाद्य सामग्री, खाद्य तेल और बीज, वनस्पती, दालें, गन्ना और इसके उत्पाद जैसे, खांडसारी और चीनी, चावल, धान इत्यादि.

3. जूट और वस्त्र

4. उर्वरक

5. हैंड सैनिटाइजर और मास्क 

जब भी जरूरत पड़ती है केंद्र नई वस्तुओं को शामिल कर सकता है और स्थिति में सुधार होने पर उन्हें सूची से हटा सकता है. इसलिए ऊपर लिखी गयी वस्तुओं में भी परिवर्तन हो सकता है.

आवश्यक वस्‍तु अधिनियम, 1955 सजा का प्रावधान (Punishment under the Essential Commodities Act,1955)

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश, आवश्यक वस्तु अधिनियम और चोरबाजारी निवारण एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के उल्लंघनकर्ताओं के विरूद्ध कार्रवाई कर सकते हैं. आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत किसी उल्लंघनकर्ता को 7 वर्ष के कारावास अथवा जुर्माने अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है. 

इसी एक्ट का सेक्शन 7(1) a (1) कहता है कि जो दुकानदार वस्तुओं का रिकॉर्ड नहीं रखता है और रिटर्न फाइल भी नहीं करता है उसे 3 माह से लेकर 1 साल तक की सजा हो सकती है.

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(प्याज बिक्रेता पर पुलिस छापेमारी)

अधिक मूल्य बसूले जाने पर शिकायत कहाँ करें (Where to complain for higher Prices)

यदि किसी राज्य में दुकानदार, किसी आवश्यक वस्तु के लिए खुदरा मूल्य से अधिक पैसा बसूलता है तो उसके खिलाफ उपभोक्ता अपनी शिकायतें राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नम्बर 1800-11-4000 पर तथा ऑनलाइन शिकायतें www.consumerhelpline.gov.in, विभाग की वेबसाइट www.consumeraffairs.nic.in, dsadmin-ca@nic.in और dirwm-ca@nic.in, secy.doca@gov.in पर भी दर्ज करा सकते हैं.

उम्मीद है कि इस लेख को पढने के बाद आपको पता लग गया होगा कि Essential Commodities Act,1955 क्या है और इसके क्या उद्येश्य हैं.ऐसे ही और लेख पढने के लिए नीचे के लिंक पर क्लिक करें;


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