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मोबाइल वॉलेट क्या है और यह कैसे काम करता है?

Shikha Goyal25-SEP-2018 10:06

आजकल मोबाइल वॉलेट का चलन बहुत तेजी से बढ़ रहा है, परन्तु क्या आप जानते हैं कि मोबाइल वॉलेट क्या है, यह क्या तकनीक है और कैसे काम करती है, इसको इस्तेमाल करने के क्या फायदे और नुक्सान हैं. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं.

सबसे पहले अध्ययन करते हैं कि मोबाइल वॉलेट क्या है?

मोबाइल वॉलेट एक प्रकार की भुगतान सेवा है जिसके माध्यम से व्यवसाय और मोबाइल उपकरणों के जरिये व्यक्ति धन प्राप्त कर सकते हैं और भेज सकते हैं. यह ई-कॉमर्स मॉडल का ही एक रूप है जिसे मोबाइल उपकरणों के साथ उनकी सुविधा और आसानी से पहुंच के कारण उपयोग करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. मोबाइल वॉलेट को मोबाइल मनी या मोबाइल मनी ट्रांसफर के रूप में भी जाना जाता है.

साधारण शब्दों में कहे तो मोबाइल वॉलेट मोबाइल में खोले जाने वाले बैंक खाते के समान है. इसमें पैसे डिजिटल मनी की तरह स्टोर किए जाते है. जिस प्रकार से इंटरनेट की मदद से अन्य खातों को बनाया गया है उसी प्रकार से यह भी एक वर्चुअल खाता ही है जो मोबाइल नंबर लेते वक्त दिए गए डिटेल्स को आधार बनाकर पैसे का लेन देन करता है. उदाहरण के तौर पर अगर आप किसी रेस्टोरेंट में जाते हैं और वहां बिल देने के लिए आप इस वॉलेट का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह तभी मुमकिन हो सकता है जब रेस्टोरेंट किसी मोबाइल वॉलेट सर्विस प्रोवाइड से जुड़ा हो. इससे आप बिल आसानी से अपने मोबाइल से चुका सकते हैं. आप एप, टेक्स्ट मैसेज, सोशल मिडिया या वेबसाइट से भी पैसा चुका सकते हैं.

आखिर मोबाइल वॉलेट तकनीक है क्या?

आज के समय में जहां हर जगह स्मार्टफोन आसानी से उपलब्द हो जाते हैं और सब कुछ के लिए एप भी मौजूद है. "मोबाइल वॉलेट" तकनीक हर दिन और अधिक लोकप्रिय हो रही है. यह एक ऐसी तकनीक है जिसके माध्यम से आप अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारी डिजिटल रूप में अपने मोबाइल में रख सकते हैं. खरीदारी करने के लिए अपने भौतिक प्लास्टिक कार्ड का उपयोग करने के बजाय, आप अपने स्मार्टफोन, टैबलेट या स्मार्टवॉच के जरिये भी भुगतान कर सकते हैं.

आइये अब अध्ययन करते हैं कि मोबाइल वॉलेट कैसे काम करता है?

How Mobile Wallet works
Source: www.citizensmn.bank.com

ग्राहक अपने फोन पर अपनी पसंद की ऐप खोलकर, पिन, पासवर्ड या फिंगरप्रिंट के जरिये, सूचनाओं को चुनकर उनकी सभी संग्रहीत जानकारी का उपयोग कर सकता है, जिन्हें उन्हें एक्सेस करने के लिए आवश्यकता होती है. यह ऐप फिर मोबाइल वॉलेट में ready payment terminals के साथ परस्पर प्रभाव डालने के लिए सूचना-हस्तांतरण तकनीक (information transfer technology) जैसे नियर-फील्ड कम्युनिकेशंस (Near-Field Communications, NFC) का उपयोग करती है.

- मोबाइल वॉलेट सुरक्षित रूप से आपके क्रेडिट या डेबिट कार्ड को स्टोर करते हैं.

- वे आपके लॉयल्टी कार्ड, कूपन, टिकट इत्यादि भी स्टोर कर सकते हैं.

- वे विभिन्न तकनीकों का उपयोग कर टर्मिनलों के साथ संवाद करते हैं.

इसलिए, मोबाइल वॉलेट जानकारी प्राप्त करने वाले डिवाइस के बिना, आप इस तेजी से लोकप्रिय भुगतान तंत्र का लाभ नहीं उठा पाएंगे.

इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि मोबाइल वॉलेट में आपको अपने बैंक एकाउंट, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड के जरिए पैसे डालने पड़ते हैं या रिचार्ज कराना पड़ता है. क्या आप जानते हैं कि मोबाइल वॉलेट प्रीपेड और पोस्ट पेड दोनों तरीके का होता है और प्रीपेड वॉलेट को रिचार्ज कराने की जरुरत होती है ताकि इस पैसे का इस्तेमाल आप भुगतान के लिए इस्तेमाल कर सके.

यदि आप कुछ दिनों तक पैसे का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं तो यह आपके एकाउंट में वापस चला जाएगा. पोस्ट पेड मोबाइल वॉलेट में आपका एकाउंट आपके वॉलेट से जुड़ा होता है, जैसे-जैसे आप अपने वॉलेट से खर्च करते जाएंगे, आपके बैंक एकाउंट से पैसे कटते जाएंगे.

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मोबाइल वॉलेट कितने प्रकार का होता है?

Types of Mobile Wallet

भारत में तीन प्रकार के मोबाइल वॉलेट उपलब्द हैं.

1. ओपन वॉलेट (Open Wallet)

इस प्रकार के वॉलेट में खरीदारी और वित्तीय सेवाओं के भुगतान के साथ-साथ नकदी निकालने की सुविधा भी होती है. इसमें एटीएम और अन्य किसी निर्धारित माध्यम से पैसा निकाला जा सकता है. इस प्रकार के वालेट भारत में बैंक द्वारा ही जारी किए जाते हैं. उदाहरण के लिए वोडाफोन का ऍम-पैसा ऐसे वॉलेट में रखा जा सकता है.

2. सेमी क्लोज्ड वॉलेट (Semi Closed Wallet)

इस वॉलेट के तहत आप ऑनलाइन शौपिंग कर सकते हैं तथा कोई भी सर्विस ले सकते हैं परन्तु इससे आप कैश नहीं निकाल सकते हैं. उदाहरण के लिए पेटीएम.

3. क्लोज्ड वॉलेट

यह काफी लोकप्रिय सर्विस है. इस वॉलेट में ऑर्डर के कैंसिल होने पर व्यापारी अथवा दुकानदार के पास पैसा लॉक्ड रहता है. यानी जब किसी विशेष सेवा प्रदाता कंपनी की सेवाओं के लिए उस कंपनी विशेष के वॉलेट में कुछ राशि डालते हैं और उसे सिर्फ कंपनी की सेवाओं पर ही खर्च किया जा सकता हो तो इस तरह के वॉलेट को क्लोज्ड वॉलेट कहते हैं. उदाहरण के लिए फ्लिप्कार्ट, स्नैपडील और अमेजन जैसी कंपनियों की वेबसाइट पर अपना खाता बनाकर उसमें आप पैसा ट्रांसफर करके सिर्फ इन्हीं साइट्स पर खरीदारी कर सकते हैं. इनसे न तो आप नगद पैसा निकाल सकते हैं और न दूसरों की सेवाओं का भुगतान कर सकते हैं.

मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं?

इस वॉलेट का इस्तेमाल के लिए सबसे पहले उस वॉलेट में अपना खाता खोलना पड़ता है और इसके लिए मोबाइल नंबर का होना अनिवार्य है. इस सेवा में रजिस्टर करने के बाद डेबिट या क्रेडिट कार्ड की मदद से वॉलेट में पैसा ट्रांसफर किया जा सकता है और फिर समय आने पर स्मार्ट फोन की या मोबाइल की मदद से खरीदारी या सेवाओं का भुगतान किया जा सकता है.

मोबाइल वॉलेट के क्या फायदे हैं?

- पर्स यानी वॉलेट चोरी हो सकता है, खो सकता है, यहां तक की जेब को भी काटा जा सकता है लेकिन मोबाइल वॉलेट न तो चोरी होता है और न ही खो सकता है.

- मोबाइल वॉलेट में आपकी जरुरत के हिसाब से पैसे रखे होते हैं और आपको डेबिट या क्रेडिट कार्ड के डिटेल्स बार-बार सार्वजनिक नहीं करने पड़ते हैं इसलिए आपकी रकम सुरक्षित रहती है.

- मैन्युअल पर्स से पेमेंट करते वक्त खुले पैसों की दिक्कत आ सकती है जैसे अगर कही पर 480.50 बिल का भुगतान करना है तो मोबाइल वॉलेट से आसानी से पूरा पेमेंट हो सकता है लेकिन मैन्युअल पेमेंट करने पर खुदरा पैसा न होने पर राउंड फिगर में पेमेंट करना पड़ सकता है.

- मोबाइल वॉलेट होने से हमेशा ढेर सारा कैश लेकर साथ चलने की आवश्यकता नहीं पड़ती है और ज्यादा तर सेवाओं में मोबाइल वॉलेट प्रभावी रूप से काम करता है.

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मोबाइल वॉलेट के क्या नुक्सान हैं?

- मोबाइल वॉलेट तकनीक उन लोगों के लिए इस्तेमाल करना आसान है जो टेक्नोफ्रेंडली हैं और इसके लिए अच्छी स्पीड वाले इंटरनेट कनेक्शन की भी आवश्यता होती है.

- बहुत कम संख्या में व्यापारी और दुकानदार इस मोबाइल वॉलेट सर्विस प्रोवाइडर से लिस्टेड हैं.

- मोबाइल वॉलेट में प्रतिदिन के हिसाब से पैसे डिपॉजिट करने और खर्च करने की सीमा होती है.

तो अब आप समझ गाए होंगे कि मोबाइल वॉलेट एक प्रकार का डिजिटल पर्स है. इसका उपयोग रुपए-पैसे के लेन-देन, भुगतान आदि कामों में कर सकते हैं. या फिर ये एक स्मार्टफोन में मौजूद वर्चुअल वॉलेट है जिसमें रुपए डिजिटल मनी के रूप में संग्रहित रहते हैं. अनेक वॉलेट कंपनियां अपने उपभोक्ताओं को वॉलेट से भुगतान पर आकर्षक कैश बैंक आदि स्कीमें भी दे रही हैं. यदि आप खरीदारी करने किसी दुकान में जाते हैं और वह मोबाइल वॉलेट से जुड़ा होगा तो समान का भुगतान स्मार्टफोन से भी किया जा सकता है और भी अन्य तरीकों से भी किया जा सकता है जैसे सोशल मीडिया, एप, वेबसाइट इत्यादि.

भारत में विभिन्न ई वॉलेट/ मोबाइल वॉलेट कंपनियां

e-Wallet/ m-Wallet

Industry

Company

Bank Transfer Allowed?

Mobile Platform

Overall Rating (based just on online platform)

Paytm

Private

One97 Communications

Yes

Androis iOS, Windows Phone, Ovi, Blackberry

4.4

MobiKwik

Private

One MobiKwik Systems Private Limited

Yes

Android, iOS, Windows Phone

4.2

Oxigen Wallet

Private

Oxigen Services India Pvt. Ltd.

Yes

Android, iOS, Windows Phone

3.7

Citrus Wallet

Private

Citrus Pay

Yes

Android, iOS

3.9

ItzCash

Private

Itz Cash Card Ltd.

Yes

Android, iOS

4.4

Freecharge

Private

Snapdeal

No

Android, iOS, Windows Phone

4.3

Axis Bank Lime

Banking Industry

Axis Bank

No

Android, iOS, Windows Phone

3.6

Airtel Money

Telecom Industry

Airtel

Yes

Android, iOS

4.2

ICICI Pockets

Banking Industry

ICICI Bank

Yes

Android, iOS

4.1

Jio Money

Telecom Industry

Reliance

No

Android, iOS, Windows Phone

4.2

mRupee

Telecom Industry 

Tata Teleservices Limited

Yes

Android, iOS, Windows Phone

3.7

SBI Buddy

Banking Industry

State Bank of India

Yes

Android, iOS

3.9

Vodafone M-Pesa 

Telecom Industry

Vodafone

Yes

Android, iOS, Windows Phone

4.2

HDFC PayZapp 

Banking Industry

HDFC Bank

Yes 

Android, iOS

4.0

Source: pmjandhanyojana

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