जानें भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर को कितनी सैलरी मिलती है?

वित्त मंत्रालय ने अभी फरवरी महीने में बैंक के गवर्नर की बेसिक सैलरी को 90,000 से बढाकर 2.5 लाख कर दिया है l यदि गवर्नर के वेतन में बेसिक पे, महंगाई भत्ता (डीए) और अन्य भुगतान शामिल कर दिए जायें तो उनकी कुल सैलरी 3.70 लाख रुपये प्रति माह पर पहुँच जाती हैl इस बढ़ोत्तरी से पहले वर्तमान गवर्नर उर्जित पटेल को कुल 2,09,500 रुपये/महीने की सैलरी मिलती थी l
Created On: Apr 3, 2017 15:35 IST

रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल के साथ डिप्टी गवर्नरों की सैलरी में भारी इजाफा हुआ है। सरकार ने इनकी बेसिक सैलरी में दोगुने से ज्यादा की बढ़ोतरी की है। उर्जित पटेल का मूल वेतन बढ़ाकर 2.5 लाख तो डिप्टी गवर्नर का 2.25 लाख रुपये कर दिया गया है। यह बदलाव पीछे की तारीख एक जनवरी 2016 से लागू है। इस बढ़ोत्तरी से पहले रिजर्व बैंक के गवर्नर की बेसिक सैलरी 90000 रुपये/ महीने थी जबकि उसके डिप्टी गवर्नर की बेसिक सैलरी 80,000 रुपये/ महीने थीl आरबीआइ के इन शीर्ष अधिकारियों के मासिक वेतन में बेसिक पे, महंगाई भत्ता (डीए) और अन्य भुगतान शामिल हैं और इन सभी को मिलाकर 30 नवंबर, 2016 तक पटेल को कुल 2,09,500 रुपये/महीने की सैलरी मिलती थी l

URJIT-PATEL

Image Source:BloombergQuint

केन्द्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता समय-समय पर केंद्र सरकार की ओर से बढ़ाया जाता है। जबकि अन्य सभी भत्तों का भुगतान मौजूदा दरों पर किया जाएगा। बढ़ोतरी से पहले 90 हजार बेसिक सैलरी के साथ पटेल को 1,12,500 रुपये डीए और अन्य भत्तों के तहत 7000 रुपये मिलते थे। इस तरह उनकी कुल मासिक सैलरी 2,09,500 रुपये हो जाती थी। केवल मूल वेतन में बढ़ोतरी को ही ले लें तो यह उनकी सैलरी को करीब 3.70 लाख रुपये पर पहुंचा देता है। हालांकि इस बढ़ोत्तरी के बावजूद भी गवर्नर और डिप्टी गवर्नर की सैलरी अन्य बड़े बैंकों (जिन्हें RBI के नियमों के अनुसार काम करना होता है) के टॉप अधिकारियों की तुलना में बहुत कम है l

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सूचना के अधिकार (आरटीआइ) के तहत मांगी गई जानकारी पर केंद्रीय बैंक ने बताया कि वित्त मंत्रलय की ओर से 21 फरवरी को दी गई सूचना के अनुसार गवर्नर और डिप्टी गवर्नर के बेसिक पे में संशोधन किया गया है लेकिन केंद्रीय बैंक ने यह नहीं बताया है कि बढ़ोतरी के बाद इन अधिकारियों का कुल वेतन कितना हो गया है। इसलिए हम एक पुराने पे स्केल के आधार पर यह जानने का प्रयास करते हैं कि बेसिक पे के साथ-साथ RBI के गवर्नर को किस तरह की सुविधाएँ और व्यय की प्रतिपूर्ति (reimbursement of expenses) की सुविधाएँ मिलती हैंl

रिजर्व बैंक के गवर्नर का पद एक क्लास 1 के अधिकारी का होता है और उसको मिलने वाले वेतन में निम्न लाभ शामिल होते हैं:-

1. मूल वेतन: ₹ 90,000 / - वार्षिक वृद्धि ₹ 1,600 / -

2. ग्रेड भत्ता: ₹ 10,000 / -

3. मासिक प्रतिपूर्ति (Monthly Reimbursement):

A. शैक्षिक:       ₹ 2,000 / -

B. घरेलू खर्च:     ₹ 4,000 / -

C. टेलीफ़ोन बिल: ₹ 3,500 / -

4. वाहन भत्ता: (मासिक)

A. पेट्रोल: 270 लीटर, अन्य: ₹ 6,000 / -, महानगरों के लिए +30 लीटर

B. चालक भत्ता: ₹ 7,000 / -

C. कार रखरखाव भत्ता: ₹ 2,500 / -

urjit patel in car

Image Source:Firstpost

5. सरकारी कार एवं गृह (AC):

A. कार: अधिकतम कीमत ₹ 8,00,000 / -

B. (AC): अधिकतम ₹ 20,000 / -

AC चलाने के लिए सरकार द्वारा अलग से 200 यूनिट बिजली दी जाती है l यदि अधिकारी अवकाश प्राप्त होने के बाद 8 लाख तक की कर खरीदता है तो उसे अधिकत्तम 50,000 तक की आर्थिक छूट मिलती है l

6. वार्षिक प्रतिपूर्ति (Annual Reimbursement):-

A. चिकित्सा: ₹ 5,500 / -

B. पुस्तक अनुदान: ₹ 7,000 / -

C. ब्रीफ़केस: ₹ 9,000 / -

सारांश रूप में यह कहा जा सकता है कि अब रिज़र्व बैंक के गवर्नर की सैलरी उसके काम की अहमियत को देखते हुए थी हो गयी है लेकिन यदि अभी तो निजी बैंकों के टॉप एग्जीक्यूटिव की सैलरी से तुलना की जाये तो अभी भी इसमें सुधार की उम्मीद है l

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