Search

31 अक्टूबर को ही राष्ट्रीय एकता दिवस क्यों मनाया जाता है?

31-OCT-2017 13:34
National Unity Day 2017

भारत में हर वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है. लेकिन क्या आपको पता है कि राष्ट्रीय एकता दिवस की शुरूआत कब हुई थी और 31 अक्टूबर को ही राष्ट्रीय एकता दिवस क्यों मनाया जाता है? इस लेख में हम इन प्रश्नों के उत्तर के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रम के बारे में संक्षिप्त विवरण दे रहे हैं.

राष्ट्रीय एकता दिवस की शुरूआत

स्वतंत्र भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री एवं पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश को एकजुट करने के लिए अनेक प्रयास किए थे. उनके अथक प्रयासों के कारण ही आज हम नक्शे पर भारत की वर्तमान स्थिति देख पा रहे हैं. उनके इन्हीं कार्यों को याद करने के लिए एवं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए उनके जन्मदिवस के अवसर पर 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है. राष्ट्रीय एकता दिवस की शुरूआत भारत सरकार द्वारा 31 अक्टूबर, 2014 को दिल्ली में की गई थी.
rashtriya ekta diwas
Image source: NDTV.com

सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन परिचय

1. सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को करमसंद, गुजरात में हुआ था. उन्हें लौहपुरूष एवं भारत के बिस्मार्क के नाम से भी जाना जाता है.
2. पेशे से वह एक प्रख्यात बैरिस्टर थे. बाद में उन्होंने वकालत छोड़ दी और महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए.
भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरू से संबंधित कुछ अनजाने तथ्य
3. उन्होंने गुजरात के बारदोली एवं खेड़ा में हुए किसान आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. बारदोली सत्याग्रह के दौरान वहां की महिलाओं ने वल्लभभाई पटेल को सरदार की उपाधि प्रदान की थी.
4. भारतीय इतिहास में उनका सबसे बड़ा योगदान 1947-49 के दौरान भारत के 500 से अधिक रियासतों के एकीकरण में उनकी भूमिका थी.
5. उन्हें आधुनिक अखिल भारतीय सेवाओं की स्थापना के कारण भारतीय सिविल सेवकों के संरक्षक संत के रूप में भी याद किया जाता है.
राष्ट्रीय एकता दिवस कैसे मनाया जाता है?
sardar patel
Image source: The Viewspaper
2014 के बाद से हर वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए और सरदार पटेल को याद करने के लिए राष्ट्रव्यापी मैराथन का आयोजन किया जाता है, जिसे "रन फॉर यूनिटी" नाम दिया गया है. इस मैराथन का आयोजन देश के विभिन्न शहरों, गांवों एवं जिलों में किया जाता है, जिसमें स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, अन्य शैक्षणिक संस्थान, राष्ट्रीय कैडेट कोर एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के लोग बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं.
मुख्य समारोह का आयोजन देश की राजधानी दिल्ली में किया जाता है, जिसमें कई नेता, अभिनेता, खिलाड़ी एवं गणमान्य व्यक्ति हिस्सा लेते हैं. इसके अलावा स्कूल तथा कॉलेजों में तरह-तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है, जिसमें बैनर, पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता, निबंध, भाषण, पेंटिंग, कविता, वाद-विवाद प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया जाता है. इस दिवस के माध्यम से देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्रीय एकता का सन्देश पहुंचता है, जिससे आगे चलकर वे देश में राष्ट्रीय एकता का महत्व समझ सके.
प्रसिद्ध भारतीय हस्तियाँ जिनके नाम पर उनके जीवनकाल में ही डाक टिकट जारी हुए हैं

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK