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World Milk Day 2020: वर्तमान थीम, इतिहास और महत्व

World Milk Day 2020: दूध और डेयरी उत्पादों के लाभों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए 1 जून को विश्व दुग्ध दिवस की 20वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है. दूध कैल्शियम का एक समृद्ध स्रोत है और स्वस्थ जीवन के लिए पोषण प्रदान करता है. आइये इस लेख के माध्यम से विश्व दुग्ध दिवस, 2020 का थीम, इतिहास, महत्व और इसे दुनिया भर में कैसे मनाया जाता है, के बारे में विस्तार से अध्ययन करते हैं.
Jun 1, 2020 09:04 IST
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World Milk Day
World Milk Day

World Milk Day 2020: COVID-19 महामारी के कारण, इस वर्ष यह ऑनलाइन मनाया जा रहा है. 2020 में सेलिब्रेशन की शुरुआत 29 मई से 31 मई, 2020 तक एन्जॉय डेयरी रैली (Enjoy Dairy Rally) के साथ की गई, जिसका समापन 1 जून को विश्व दुग्ध दिवस के साथ हुआ.

दूध में बहुमूल्य पोषक तत्व होते हैं और कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं. इसका सेवन न केवल बढ़ते बच्चों बल्कि सभी आयु वर्ग के लोगों द्वारा किया जाता है. यह हमारे दैनिक आहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. दूध कैल्शियम, प्रोटीन और फैट इत्यादि का एक समृद्ध स्रोत है. मुख्य रूप से हमें गायों, भैंसों, भेड़, बकरी और ऊंट जैसे अन्य जानवरों से दूध मिलता है.

हमारे आहार में दूध के महत्व के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए 1 जून को हर साल विश्व दुग्ध दिवस मनाया जाता है. बाजार में विभिन्न प्रकार के दूध उपलब्ध हैं लेकिन कौन सा दूध स्वास्थ्य के लिए अच्छा है? क्या आप जानते हैं?

विश्व दुग्ध दिवस 2020: थीम

आपको बता दें कि विश्व दुग्ध दिवस कार्यक्रम विश्व में एक विशिष्ट थीम का पालन नहीं करता है.  विभिन्न देश, सरकारें और गैर-सरकारी संगठन अपनी-अपनी थीम तय करते हैं.

2020 की overarching theme " the 20th Anniversary of World Milk Day" है. यह दिन स्वास्थ्य और पोषण, प्रभावशीलता और प्राप्यता से संबंधित डेयरी उत्पादों के लाभों को प्रोत्साहित करता है.

भारत में विश्व दुग्ध दिवस 2019 का थीम "Drink Milk: Today & Everyday" था.

हम सभी जानते हैं कि भारत में, ग्रामीण या कृषि क्षेत्रों के परिवार, अन्य परिवार दूध और दूध से बने उत्पादों का विभिन्न रूपों जैसे, घी, छाछ, दही, मिठाई इत्यादि का सेवन करते हैं. वे दूध को बड़े चाव से उबालते हैं और उसका सेवन करते हैं. साथ ही, कुछ परिवारों में मेहमानों को लस्सी परोसने की भी परंपरा है.

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विश्व दुग्ध दिवस: इतिहास

विश्व दुग्ध दिवस पहली बार 2001 में पूरे विश्व में मनाया गया और इस आयोजन में कई देशों ने भाग लिया. संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने 2001 में 1 जून को विश्व दुग्ध दिवस के रूप में चुना, जो कि डेयरी क्षेत्र में स्थिरता, आर्थिक विकास, आजीविका और पोषण में योगदान का जश्न मनाता है.

इस दिन को मनाने के लिए देशों की संख्या साल दर साल बढ़ रही है. इस दिन से संबंधित कई गतिविधियों का आयोजन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किया जाता है. जैसा कि ऊपर चर्चा की गई है, विश्व दुग्ध दिवस, लोगों में दूध के पोषक मूल्य और आहार में इसे शामिल करने की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है.

विश्व दुग्ध दिवस मनाने के पीछे उद्देश्य क्या है?

- मनुष्य के जीवन में दूध की आवश्यकता और महत्व के बारे में जानकारी प्रदान करना.

- दूध और दूध उत्पादों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए इस दिन विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाता है.

- कई उद्योगों, अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन में दूध और डेयरी उत्पादों के योगदान के महत्व के बारे में जागरुक करना.

- दूध में मौजूद पोषक तत्वों जैसे कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन बी 2, पोटेशियम, इत्यादि के बारे में लोगों को शिक्षित करना.

- विभिन्न प्रचार गतिविधियाँ इस दिन जनता द्वारा भी की जाती हैं.

आइये अब विश्व दुग्ध दिवस के महत्व के बारे में जानते हैं.

विश्व दुग्ध दिवस मनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य लोगों को दूध के महत्व से अवगत कराना है. यह पहला भोजन है जिसे बच्चा जन्म के बाद लेता है और जीवन भर इसे लिया जात है. इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है. दूध में मानव शरीर के लिए आवश्यक अधिकांश पोषक तत्व मौजूद होते हैं. डेयरी क्षेत्र स्थिरता, आर्थिक विकास, पोषण और आजीविका में योगदान देता है. क्या आप जानते हैं कि डेयरी क्षेत्र दुनिया भर में लगभग एक बिलियन लोगों की आजीविका का समर्थन करता है?

इसलिए, विश्व दुग्ध दिवस एक वार्षिक इवेंट है जिसे विभिन्न देशों द्वारा मनाया जाता है जो लोगों को दूध के महत्व के बारे में शिक्षित करता है. दूध में विभिन्न पोषक तत्व होते हैं जो शरीर की वृद्धि के लिए आवश्यक होते हैं. यह हड्डियों को मजबूत बनाता है और हमें ऊर्जा भी देता है. यह याददाश्त बढ़ाने के लिए भी एक अच्छा स्रोत है.

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