World Photography Day 2020: जानें पहली फोटोग्राफ कब खींची गई, इतिहास, कोट्स एवं महत्व

World Photography Day 2020: विश्व फोटोग्राफी दिवस 19 अगस्त को हर साल पूरी दुनिया में मनाया जाता है. इस दिवस का उद्देश्य उत्साही लोगों को अपने फोटोग्राफी कौशल के माध्यम से अपनी भावनाओं, और सामाजिक सोच को व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है. जानें पहली फोटोग्राफ कब खींची गई, इतिहास, कोट्स, महत्व इत्यादि.
Created On: Aug 19, 2020 11:01 IST
Modified On: Aug 19, 2020 11:06 IST
World Photography Day
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World Photography Day 2020: यह दिन कला, शिल्प, विज्ञान और फोटोग्राफी के इतिहास का जश्न मनाता है. इसमें कोई संदेह नहीं है कि 19वीं शताब्दी की शुरुआत में, फोटोग्राफी महत्वपूर्ण हो गयी, जो दुनिया भर में अनगिनत लोगों के लिए व्यक्तिगत अभिव्यक्ति और सराहना का एक बढ़ता हुआ माध्यम थी.

ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि यह दिन उन लोगों को समर्पित है जिन्होंने स्पेशल मोमेंट को कैमरे में कैद कर उसे खास बना दिया. यह दिन फोटोग्राफरों को प्रोत्साहित करने के लिए भी मनाया जाता है. आजकल फोटोग्राफी के बिना किसी भी दुनिया की कल्पना करना कठिन है, यह इतना सर्वव्यापी है कि विज्ञान, विज्ञापन, वर्तमान मीडिया इवेंट्स इत्यादि इसके बिना फीके या उतने प्रभावी नहीं हैं.

फोटोग्राफी क्या है?

फोटोग्राफी शब्द का शाब्दिक अर्थ है "प्रकाश के साथ ड्राइंग" "drawing with light". ऐसा माना जाता है कि यह शब्द पहली बार 1839 में ब्रिटिश वैज्ञानिक सर जॉन हर्शल (Sir John Herschel) द्वारा ग्रीक शब्दों फोस (phos) (genetive: photos) से बनाया गया था, जिसका अर्थ है "प्रकाश" और ग्रफे  (graphe) का अर्थ है "ड्राइंग या लेखन" ("drawing or writing").

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विभिन्न प्रकार की फोटोग्राफी इस प्रकार हैं:

वाइल्डलाइफ  फोटोग्राफी (Wildlife photography)
ट्रेवल फोटोग्राफी (Travel photography)
स्ट्रीट फोटोग्राफी (Street photography)
न्यू बोर्न फोटोग्राफी (Newborn photography)
लैंडस्केप फोटोग्राफी (Landscape photography)
पोर्ट्रेट फोटोग्राफी (Portrait photography)
वेडिंग फोटोग्राफी (Wedding photography)
इवेंट फोटोग्राफी (Event photography)
फाइन आर्ट फोटोग्राफी (Fine Art photography)
फैशन फोटोग्राफी (Fashion photography)
आर्किटेक्चरल फोटोग्राफी इत्यादि. (Architectural photography etc.)

विश्व फोटोग्राफी दिवस का  इतिहास

1837 में फ्रेंचमैन लुइस डॉगेर (Louis Daguerre) और जोसेफ नाइसफोर (Joseph Nicephore Niepce) द्वारा विकसित की गई एक फोटोग्राफिक प्रक्रिया है, जो कि  डॉगोरोटाइप (Daguerreotype) प्रक्रिया थी जिसे दुनिया की पहली फोटोग्राफी प्रक्रिया माना जाता है. रिपोर्टों के अनुसार, फ्रेंच एकेडमी ऑफ साइंस (French Academy of Sciences) ने 1839 में डॉगोरोटाइप (Daguerreotype) प्रक्रिया के अविष्कार की घोषणा की थी.

डॉगेर के अविष्कार को डॉगोरोटाइप (Daguerreotype) नाम दिया गया था. यह एक तात्कालिक सफलता थी जो द्रश्यों (scenes) और चेहरों का प्रतिनिधित्व करने का एक अपेक्षाकृत सस्ता और सटीक तरीका प्रदान करती थी जिसे पहले हाथ से खींचना या चित्रित और पेंट करना पड़ता था. कुछ वर्षों के भीतर, फोटोग्राफिक स्टूडियो पूरे पेरिस और दुनिया भर में खुलने लग गए और फेमस हो गए थे.

जानें पहली फोटोग्राफ कब खींची गई या पहली फोटोग्राफ के बारे में

जब नेपोलियन (Napolean) 1816 में सेंट हेलेना (St Helena) पहुंचा, तो एक फ्रांसीसी, नाइसफोर नीपसे (Nicephore Niepce) ने सिल्वर क्लोराइड कि मदद से कागज पर छोटे कैमरे की छवियों को कैप्चर करने में सफलता हासिल की जो कि प्रकाश के लिए एक अन्य रासायन संवेदनशील है. लेकिन वेजवुड (Wedgwood) की तरह, वे इन छवियों को फिक्स करने और संरक्षित (preserve) करने में सक्षम नहीं हो पाए और फिर उन्होंने अन्य हल्के-संवेदनशील पदार्थों के साथ प्रयोग करना शुरू किया.

1822 में, नीपसे (Nicephore Niepce) ने एक प्रक्रिया का आविष्कार किया और इसे "हेलियोग्राफी" ("heliography") नाम दिया, जो कि यूनानी शब्द है जिसका अर्थ है हेलिओस (helios) और ग्रफे (graphe) से "सन ड्राइंग" ("sun drawing"). वह 1826/7 में सबसे पहली (earliest) surviving कैमरा फोटोग्राफ बनाने में सफल रहे.  फोटोग्राफ ने ले ग्रास (Le Gras) की एक खिड़की से एक दृश्य का प्रतिनिधित्व किया (उनका होमटाउन बरगंडी, फ्रांस में) लैवेंडर के तेल में बिटुमेन (bitumen) में डाईल्यूट हुए एक पियूटर (pewter) प्लेट पर कैप्चर कर लिया. एक्सपोज़र का समय शायद कई दिन का था.

विश्व फोटोग्राफी दिवस का महत्व

यह दिन फोटोग्राफर्स के लिए जागरूकता पैदा करता है, विचारों को साझा करता है, और इस क्षेत्र में व्यक्तियों को प्रोत्साहित करता है. यह उत्साही लोगों को अपने फोटोग्राफी कौशल के माध्यम से अपनी भावनाओं, और सामाजिक सोच को व्यक्त करने के लिए भी प्रोत्साहित करता है. 
एक फोटोग्राफ में एक जगह या एक क्षेत्र, एक अनुभव, विचार एक समय में और एक फ्लैश में कैप्चर करने की पॉवर है. इसीलिए कहा जाता है कि एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है. तस्वीरें शब्दों की तुलना में कभी-कभी भावनाओं को तेजी से व्यक्त कर सकती हैं. वास्तव में, एक फोटोग्राफर दर्शक को दुनिया को देखने का एक ऐसा तरीका बना सकता है जिस तरह से फोटोग्राफर इसे देखता है. कल ली गई एक तस्वीर को अभी भी दूसरों द्वारा सौ साल के समय के लिए सराहा जा सकता है.

विश्व फोटोग्राफी दिवस पर कोट्स (Quotes)

1.  "Photography is the simplest thing in the world, but it is incredibly complicated to make it really work." - Martin Parr

2. "Photographers are one those who can turn a single moment into an unbreakable memory." - Vatsal Nathwani

3. "Photography is a powerful medium of expression and communications, offers an infinite variety of perception interpretation and execution." - Ansel Adams

4. A photograph is a secret about a secret. The more it tells you, the less you know” — Diane Arbus

5. “The photo that you took with your digital camera is the creativeness you desire to create with reality.” — Scott Lorenzo

6. "Photo clicks makes everyone to look back and reveal our past in the form of thoughts which run in our mind." - Palani Bhavesh Varun

7. “The fine component about an image is that it in no way changes, even when the humans in it do.” — Andy Warhol

8. “There is one component the photo needs to contain, the humanity of the moment.” — Robert Frank

9. "I really believe there are things nobody would see if I didn't photograph them." - Diane Arbus

10. I don’t have confidence words. I believe pictures.” — Gilles Peress

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