3 मिनट में कार बन गई एयरक्राफ्ट! जानें दुनिया की पहली फ्लाइंग कार के बारे में

क्लेन विजन की एयरकार (AirCar) ने 28 जून 2021 को स्लोवाकिया के दो अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों नाइट्रा और ब्रातिस्लावा के बीच 35 मिनट की सफल परीक्षण उड़ान भरी।
Created On: Jul 6, 2021 17:51 IST
Modified On: Jul 6, 2021 18:12 IST
3 मिनट में कार बन गई एयरक्राफ्ट! जानें दुनिया की पहली फ्लाइंग कार के बारे में
3 मिनट में कार बन गई एयरक्राफ्ट! जानें दुनिया की पहली फ्लाइंग कार के बारे में

मौजूदा दौर में उड़ने वाली कारें कोई नई अवधारणा नहीं हैं, लेकिन इनमें से बहुत कम ही वाहन अपनी पहली उड़ान भरते हैं या कम से कम सार्वजनिक रूप से अपने प्रोटोटाइप का परीक्षण करते हैं। हाल ही में एयरकार (AirCar) ने आसमान में उड़कर और सड़कों पर दौड़कर उड़ने वाली कार के सपने को सच कर दिखाया है। 

35 मिनट में एक शहर से दूसरे शहर पहुंची

क्‍लेन विजन (Klein Vision) की  एयरकार (AirCar) ने  28 जून 2021 को स्‍लोवाकिया (Slovakia) के दो अंतरराष्‍ट्रीय हवाईअड्डों नाइट्रा (Nitra) और ब्रातिस्‍लावा (Bratislava) के बीच 35 मिनट की सफल परीक्षण उड़ान (Successful Test Flight) भरी। इसे इसके आविष्कारक प्रोफेसर स्टीफन क्लेन ने उड़ाया। ये वाहन रेगुलर पेट्रोल पर ही चलता है। 

3 मिनट में कार बन गई एयरक्राफ्ट! 

अन्य उड़ने वाली कारों के विपरीत, ये एक ड्यूल मोड वाला कार-विमान वाहन है जो एक बटन दवाते ही तीन मिनट के भीतर कार से हवाई जहाज में तब्दील हो जाता है। इसके साथ ही ये वाहन 30 सेकेंड में टेकऑफ कर आसमान में उड़ जाता है। हालाँकि, ये अभी आपके गैरेज के लिए तैयार नहीं है क्योंकि इसे उड़ान भरने के लिए रनवे की आवश्यकता है।

45 डिग्री का तीव्र मोड़ लेने में सक्षम

ये वाहन अब तक 140 से ज्‍यादा टेस्‍ट फ्लाइट के दौरान 40 घंटे हवा में बिता चुका है। इसके साथ ही ये 45 डिग्री का तीव्र मोड़ लेने में भी सक्षम है। कंपनी के अनुसार, इस कार ने साइंस फिक्‍शन को हकीकत में तब्‍दील कर दिया है। ये कॉन्‍सेप्‍ट कार के भविष्‍य का जीता-जागता नमूना है। 

वाहन के दो प्रोटोटाइप

इस वाहन के दो प्रोटोटाइप हैं। नियमित पंप ईंधन का उपयोग करते हुए, प्रोटोटाइप 1 160-हॉर्सपावर बीएमडब्ल्यू इंजन फिक्स्ड-प्रोपेलर और एक बैलिस्टिक पैराशूट द्वारा संचालित होता है। इसने नागरिक उड्डयन प्राधिकरण की देखरेख में 40 घंटे से अधिक परीक्षण उड़ानें पूरी की हैं। यह पहले ही 8,200 फीट (2,500 मीटर) तक उड़ चुका है और 118 मील प्रति घंटे (190 किमी / घंटा) की अधिकतम परिभ्रमण गति तक पहुंच गया है।

दूसरा प्रोटोटाइप, प्रोटोटाइप 2, अधिक शक्तिशाली है। इसमें 300-hp का इंजन लगाया जाएगा। इसे M1 रोड परमिट के साथ EASA CS-23 विमान प्रमाणन मिल गया है। इसमें एक चर पिच प्रोपेलर है और 621 मील (1,000 किमी) की सीमा के साथ 186 मील प्रति घंटे (300 किमी / घंटा) की गति से चलने की उम्मीद है।

वाहनों का नया दौर शुरू

इस उड़ान के साथ जमीन और हवा में उड़ने वाले वाहनों का नया दौर शुरू हो गया है। इस वाहन में 200  किग्रा की संयुक्त वजन सीमा के साथ दो लोग सवार हो सकते हैं। क्लेन का अगला लक्ष्य सिंगल फ्यूल टैंक टॉप-अप पर इसकी रफ्तार को 300 किमी प्रति घंटे और एक बार में टैंक फुल होने के बाद 1,000 किमी का हवाई सफर तय करना है। इसके अलावा उबर, हुंडई जैसी कंपनियां भी उड़ने वाली कार प्रौद्योगिकी पर काम कर रही हैं। 

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